भारत सरकार कथित तौर पर वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के लिए एक नए सचिव की तलाश कर रही है। इसकी बड़ी वजह ये है कि 1987 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अजय सेठ, जो वर्तमान में यह प्रभार संभाल रहे है
नई दिल्ली, अप्रैल 18। भारत सरकार कथित तौर पर वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के लिए एक नए सचिव की तलाश कर रही है। इसकी बड़ी वजह ये है कि 1987 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अजय सेठ, जो वर्तमान में यह प्रभार संभाल रहे हैं, को कथित तौर पर एक गंभीर बीमारी का पता चला है। उसका इलाज चल रहा है। सरकार ने इस महीने के अंत तक राजस्व सचिव तरुण बजाज को डीईए का अस्थायी प्रभार दिया है।

हालांकि, सूत्रों ने कहा कि सेठ के 30 अप्रैल तक कार्यालय में वापस आने की संभावना नहीं है। इसलिए, सरकार ने पूर्णकालिक सचिव, डीईए की तलाश शुरू कर दी है। कार्यालय का अस्थायी प्रभार संभालने वाले बजाज इस पद के प्रबल दावेदार हैं। सेठ द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले उन्होंने यह पद संभाला था। सूत्रों ने बताया कि सेठ को गंभीर बीमारी का देर से पता चलने के बाद दिल्ली के एक शीर्ष अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेठ की गैरमौजूदगी से वित्त मंत्रालय में बड़ा झटका लगेगा। मंत्रालय में दो शीर्ष पदों के लिए उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त है। सूत्रों के मुताबिक, अगर बजाज को नए डीईए सचिव के रूप में पुष्टि की जाती है, तो निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) में सचिव तुहिन कांता पांडे को राजस्व सचिव का पद दिया जा सकता है।
सेठ 1987 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जो इस समय बेंगलूरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक थे। आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) में यह सेठ की दूसरी पारी है। 13 साल पहले वह केंद्र में वह एशियन डेलवपमेंट बैंक मनीला (2004-08) में सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। इसके पहले वह आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक थे। कर्नाटक में उन्होंने वित्त विभाग से लेकर वाणिज्य कर विभाग सहित विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वह 30 जून, 2025 तक सेवा में रहेंगे। वहीं बजाज 1988 बैच के हरियाणा कैडर के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्हें अजय भूषण पांडेय के बाद राजस्व विभाग का अतिरिक्त कार्य दिया गया था।
वित्त मंत्रालय 5 विभागों में बंटा हुआ
वित्त मंत्री राजकोषीय नीति की जिम्मेदारी उठाता है। वित्त मंत्री ही संसद में वार्षिक केंद्रीय बजट पेश करता है। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य संचालक होता है। देश का केंद्रीय वित्त मंत्रालय पांच विभागों में बंटा हुआ हैं।
1947 से अब तक के वित्तमंत्रियों के नाम
1. लियाकत अली खान 29 अक्टूबर 1946 - 14 अगस्त 1947 तक ऑल इंडिया मुस्लिम लीग
2. आर. के. शंमुखम चेट्टी 15 अगस्त 1947 - 1949 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
3. जॉन मथाई 1949 से 1950 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
4. सी. डी. देशमुख 29 मई 1950 से 1957 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
5. टी. टी. कृष्णामचारी 1957 से 13 फरवरी 1958 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6. जवाहर लाल नेहरु 13 फरवरी 1958 से 13 मार्च 1958 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
7. मोरारजी देसाई 13 मार्च 1958 से 29 अगस्त 1963 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
8. टी. टी. कृष्णामचारी 29 अगस्त 1963 से 1965 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
9. सचिन्द्र चौधरी 1965 से 13 मार्च 1967 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
10. मोरारजी देसाई 13 मार्च 1967 से 16 जुलाई 1969 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
11. इंदिरा गाँधी 1970 से 1971 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
12. यशवंतराव चौहान 1971 से 1975 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
13. चिदम्बरम सुब्रमनियम 1975 से 1977 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
14. हरिभाई एम. पटेल 24 मार्च 1977 से 24 जनवरी 1979 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
15. चौधरी चरण सिंह 24 जनवरी 1979 से 28 जुलाई 1979 तक जनता पार्टी
16. हेमवती नंदन बहुगुणा 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 जनता पार्टी
17. आर. वेंकटरमण 14 जनवरी 1980 से 15 जनवरी 1982 तक जनता पार्टी (सेक्यूलर)
18. प्रणब मुखर्जी 15 जनवरी 1982 से 31 दिसम्बर 1984 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
18. वी. पी. सिंह 31 दिसम्बर 1984 से 24 जनवरी 1987 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
19. राजीव गाँधी 24 जनवरी 1987 से 25 जुलाई 1987 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
20. एन. डी. तिवारी 25 जुलाई 1987 से 25 जून 1988 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
21. शंकर राव चौहान 25 जून 1988 से 02 दिसम्बर 1989 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
22. मधु दंडवते 02 दिसम्बर 1989 से 10 नवम्बर 1990 तक जनता दल (राष्ट्रीय मोर्चा)
23. यशवंत सिन्हा 10 नवम्बर 1990 से 21 जून 1991 तक समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय मोर्चा)
24. मनमोहन सिंह 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
25. जसवंत सिंह 16 मई 1996 से 01 जून 1996 तक भारतीय जनता पार्टी
26. पी. चिदम्बरम 01 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक तमिल मनिला कांग्रेस (संयुक्त मोर्चा)
27. आई. के. गुजराल 21 अप्रैल 1997 से 01 मई 1997 तक जनता दल (संयुक्त मोर्चा)
28. पी. चिदम्बरम 01 मई 1997 से 19 मार्च 1998 तक तमिल मनिला कांग्रेस (संयुक्त मोर्चा)
29. यशवंत सिन्हा 19 मार्च 1998 से 01 जुलाई 2002 तक भारतीय जनता पार्टी (एनडीए)
30. जसवंत सिंह 01 जुलाई 2002 से 22 मई 2004 तक भारतीय जनता पार्टी (एनडीए)
31. पी. चिदम्बरम 22 मई 2004 से 30 नवम्बर 2008 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (यूपीए)
32. मनमोहन सिंह 30 नवम्बर 2008 से 24 जनवरी 2009 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (यूपीए)
33. प्रणब मुखर्जी 24 जनवरी 2009 से 26 जून 2012 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (यूपीए)
34. मनमोहन सिंह 26 जून 2012 से 31 जुलाई 2012 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (यूपीए)
35. पी. चिदम्बरम 31 जुलाई 2012 से 26 मई 2014 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (यूपीए)
36. अरूण जेटली 26 मई 2014 से भारतीय जनता पार्टी (एनडीए)
37 पीयूष गोयल 2019
38 निर्मला सीतारमण 2019 से अब तक
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