SCO Summit 2025: पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की महामुलाकात! डायरेक्ट फ्लाइट, मानसरोवर यात्रा फिर शुरू

PM Modi - Xi Jinping Meet : 2020 में गलवान में हुए सैन्य संघर्ष के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी (PM Narendra Modi) तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने शनिवार को चीन पहुंचे। आज यानी रविवार (31 अगस्त) को एससीओ समिट से इतर सुबह करीब 9:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने अहम द्विपक्षीय बैठक की।

PM Modi China Visit

इस महामुलाकात पर पूरी अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नज़र टिकी थी। द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने चीन के सामने कई अमह मुद्दों को उठाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल कज़ान में हुई चर्चा ने भारत-चीन संबंधों को सकारात्मक दिशा दी थी। उन्होंने शी जिनपिंग से कहा कि हम आपसी रिश्तों को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले वर्ष कज़ान में हमारी बहुत सार्थक बातचीत हुई थी, जिसने हमारे रिश्तों को एक सकारात्मक दिशा दी लेकिन अब फिर से सीमा पर डिसएंगेजमेंट (टकराव से पीछे हटने) के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है।

पीएम मोदी का विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर जोर

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने तीन शब्दों (विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता) का इस्तेमाल किया। इसके साथ प्रधानमंत्री ने चीन को ये संकेत दिया कि हम आप पर तभी भरोसा करेंगे, जब आप इन तीनों बातों पर ईमानदारी के साथ खड़े रहेंगे।

भारत-चीन में डायरेक्ट फ्लाइट और मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू

द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर एक समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी दोबारा शुरू की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं। यह पूरी मानवता के कल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करेगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

चीनी राष्ट्रपति ने कहा - दोनों देश आपसी सहयोग के लिए राजी

इस मुलाकात में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन बड़ी शक्तियां हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात अस्थिर हैं ऐसे में दोनों देश आपसी सहयोग के लिए राजी हैं।

शी जिनपिंग ने कहा, "इस साल चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से संभालने की आवश्यकता है. हमें बहुपक्षवाद, बहुध्रुवीय विश्व और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अधिक लोकतंत्र को बनाए रखने की अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारियों को भी निभाना होगा. हमें एशिया और विश्व में शांति-समृद्धि के लिए मिलकर काम करना होगा।"

ड्रैगन और हाथी का साथ जरूरी है: जिनपिंग

शी जिनपिंग ने एससीओ समिट में आने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया और कहा, "भारत और चीन दो बड़ी संभ्यताएं हैं। ड्रैगन और हाथी का साथ जरूरी है। भारत और चीन की दोस्ती महत्वपूर्ण है। भारत और चीन का साथ आना जरूरी है। दोस्ती और अच्छा पड़ोसी होना अहम है।"

प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान अपने प्रारंभिक भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "प्रधानमंत्री महोदय, आपसे फिर से मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन में आपका स्वागत करता हूं। पिछले वर्ष कजान में हमारी बैठक सफल रही थी। दुनिया एक बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। हम दुनिया की दो सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं। ऐसे में एक अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन और हाथी का एक साथ आना काफी महत्वपूर्ण है।"

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