
Adani Group : सुप्रीम कोर्ट ने गौतम अडानी के अगुवाई वाले अडानी ग्रुप द्वारा शेयर की कीमत में हेरा फेरी की जांच पूरी करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को 14 अगस्त तक का वक्त दिया है।
मुख्य न्यायधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेबी को जांच की एक अपडेटेड रिपोर्ट को दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस जेबी पर्दीवाला और पीएस नरसिम्हा ने यह भी आदेश दिया है कि जस्टिस ए एम सप्रे समिति की जो रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट से संबंधित पक्षों को भी उपलब्ध कराया जाए ताकि वे इस मामले में कोर्ट की मदद कर सके।
3 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च द्वारा गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप के खिलाफ लगाए शेयर की कीमत में हेराफेरी के आरोपों की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीठ की तरफ से कहा गया है कि सेबी को अपनी रिर्पोट को जमा करने के लिए 14 अगस्त तक का वक्त दिया जाता है।
सप्रे पैनल का कार्य स्थिति का ओवररॉल असेसमेंट प्रदान करना था न जिसमें प्रसांशिक भी शामिल थे। जो हाल के दिनों में सिक्योरिटी मार्केट में अस्थिता का कारण बने।
कोर्ट ने कहा कि पैनल को वैधानिक या रेगुलेटरी फ्रेमवर्क ढांचे को बेहतर करने और इनवेस्टर्स की सुरक्षा के लिए मौजूदा ढांचे के अनुपालन को सुरक्षित करने के उपाय को सुझाने के लिए कहा गया था।
सेबी ने अडानी ग्रुप के द्वारा शेयरों की कीमत में हेराफेरी की जांच करने के लिए 6 महीने का वक्त मांगा था।
सेबी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की तरफ से पीठ को बताया गया है कि 6 महीने के वक्त को रेगुलेटर ने इस मामले में यथार्थवादी दृष्टिकोण रखते हुए कंप्रेस्ड किया और अगस्त तक का जो वक्त है। इस पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।


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