नई दिल्ली, मई 26। क्या आप जानते हैं कि एसबीआई स्टूडेंट लोन भी ऑफर करता है। बैंक का स्टूडेंट लोन एक तरह का टर्म लोन होता है जो भारतीय छात्रों को देश-विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोवाइड कराया जाता है, जहां भी एडमिशन मिला हो। यह लोन उन छात्रों की फाइनेंसिंग समस्या के एक शानदार समाधान है, जो आगे बढ़ने के लिए शिक्षा का सहारा लेना चाहते हैं। यहां हम आपको एसबीआई स्टूडेंट लोन पर मिलने वाली अधिकतम राशि, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, फीचर्स, फायदे और कवर किए गए कोर्स आदि की जानकारी देंगे।
भारत में कौन-कौन से कोर्स हैं कवर
भारत में आप जिन कोर्सेज के लिए एसबीआई से स्टूडेंट लोन ले सकते हैं, उनमें यूजीसी / एआईसीटीई / आईएमसी / सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों / विश्वविद्यालयों द्वारा चलाए जा रहे तकनीकी और बिजनेस डिग्री / डिप्लोमा कोर्स सहित स्नातक, स्नातकोत्तर आदि के अलावा स्वायत्त संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम आदि द्वारा संचालित नियमित डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार के टीचर ट्रेनिंग / नर्सिंग कोर्स और नागरिक उड्डयन / शिपिंग / संबंधित नियामक प्राधिकरण के महानिदेशक द्वारा मंजूरी प्राप्त नियमित डिग्री / डिप्लोमा कोर्स जैसे एविएशन, पायलट ट्रेनिंग, शिपिंग आदि भी इसमें शामिल हैं।
विदेशों में कौन-कौन से कोर्स हैं कवर
प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा पेश किए जाने वाले जॉब ओरिएंटेड प्रोफेश्नल / टेक्निकल ग्रेजुएशन डिग्री कोर्सेज / पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री और एमसीए, एमबीए, एमएस आदि जैसे डिप्लोमा कोर्स के अलावा इस लिस्ट में सीआईएमए (चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स) - लंदन, यूएसए में सीपीए (सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट), आदि शामिल हैं।
क्या हैं लोन के फीचर्स
इस लोन के फीचर्स में कम ब्याज दरें, छात्राओं के लिए ब्याज में रियायत, 7.5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं, 20 लाख रुपये तक के लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं, रीपेमेंट कोर्स पूरा होने के एक साल बाद शुरू होना और कोर्स अवधि के बाद 15 वर्ष तक की रीपेमेंट अवधि + चुकौती अवकाश के 12 महीने मिलना शामिल है। यदि उच्च शिक्षा के लिए दूसरा लोन लिया जाता है, तो छात्र दूसरा पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, जॉइंट लोन राशि को 15 वर्षों में चुका सकते हैं। 4 लाख रुपये तक के लोन के लिए कोई मार्जिन नहीं होता।
लोन राशि और ब्याज दर
छात्र भारत में पढ़ाई के लिए 50 लाख रुपये तक और विदेशों में पढ़ाई के लिए 1.50 करोड़ रुपये तक के लोन ले सकते हैं। प्रभावी ब्याज दर वैसे तो 8.65 फीसदी है, मगर छात्राओं के लिए इस ब्याज दर में 0.50 फीसदी की छूट दी जाएगी। वहीं 20 लाख रु तक के लोन के लिए शून्य प्रोसेसिंग फीस है, जबकि 20 लाख रुपये से अधिक के लोन पर 10,000 रुपये के साथ टैक्स बतौर प्रोसेसिंग फीस ली जाएगी।
बिना कोलेट्रोल मिलेगा लोन
7.5 लाख रुपये तक के लोन के लिए कोई कोलेट्रोल (गारंटी) नहीं चाहिए। इससे अधिक लोन लेना हो तो टेंजिबल कोलेट्रोल सिक्योरिटी चाहिए होगी। जो खर्चे इस लोन में कवर किए जाएंगे, उनमें कॉलेज/स्कूल/छात्रावास को देय शुल्क, परीक्षा/पुस्तकालय/प्रयोगशाला शुल्क, कॉशन डिपॉजिट/बिल्डिंग फंड/रिफंडेबल डिपॉजिट (पूरे कोर्स के लिए ट्यूशन फीस का अधिकतम 10 फीसदी) आदि शामिल हैं।
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