नई दिल्ली, फरवरी 5। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। बैंक ने तिमाही में 8,431.88 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसके शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 62.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। पिछले वर्ष (2020) की इसी तिमाही में बैंक ने 5,196.22 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। बैंक का मुनाफा जानकारों के 8200 करोड़ रु के अनुमान से अधिक रहा है।

कितनी रही ब्याज इनकम
तिमाही के लिए इसकी ब्याज इनकम (अर्जित ब्याज) 4.41 प्रतिशत बढ़ कर 69,678.12 करोड़ रुपये हो गयी। ये पिछले साल की समान तिमाही में 66,734.50 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज इनकम की बात करें तो शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 6.48 प्रतिशत बढ़ कर 30,687 करोड़ रुपये हो गई। यह पहले पिछले साल की समान तिमाही में 28,820 करोड़ रुपये रही थी। दिसंबर तिमाही में इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 6 आधार अंक बढ़ कर 3.4 फीसदी हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 3.34 फीसदी था।
कई सेगमेंट में फायदा
एसबीआई ने कहा कि होम लोन, एक्सप्रेस क्रेडिट और अन्य लोन्स से प्रेरित पर्सनल रिटेल खंड में मजबूत वृद्धि देखी गई। तिमाही के दौरान कॉरपोरेट और एसएमई क्रेडिट में भी तेजी आई। तिमाही के लिए डिपॉजिट 8.83 प्रतिशत बढ़ कर 38,47,794 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ग्रॉस एडवांस 8.47 प्रतिशत बढ़ कर 26,64,602 करोड़ रुपये हो गये। इसमें से रिटेल पर्सनल एडवांस 14.57 प्रतिशत बढ़ कर 9,52,189 करोड़ हो गए।
एनपीए में सुधार
तिमाही के लिए सकल एनपीए अनुपात 4.5 प्रतिशत रहा, जो सितंबर तिमाही में 4.9 प्रतिशत और एक साल पहले की तिमाही में 4.77 प्रतिशत से कम है। तिमाही के लिए गैर-ब्याज आय 9,246 करोड़ रुपये से 6.19 प्रतिशत गिर कर 8,673 करोड़ रुपये रह गई। विदेशी मुद्रा आय 21 प्रतिशत कम होकर 484 करोड़ रुपये, विविध आय 17 प्रतिशत गिरकर 1,929 करोड़ रुपये और निवेश की बिक्री पर लाभ और हानि भी 46.45 प्रतिशत कम होकर 514 करोड़ रुपये रही। दूसरी ओर शुल्क आय 7.45 प्रतिशत बढ़कर 5,747 करोड़ रुपये हो गई।


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