नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन के बीच आर्थिक मामलों में राहत देने के लिए आरबीआई ने ब्याज दरों में भारी कटौती की। आरबीआई ने रेपो रेट 75 आधार अंक घटा कर 4.4 फीसदी कर दी, जिससे लोगों के लोन की ईएमआई कम होगी। मगर इसके बाद एसबीआई ने अपने ग्राहकों को झटका देने का ऐलान कर दिया। देश के सबसे बड़े बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की दरों में कटौती कर दी। बैंक की नयी एफडी ब्याज दरें आज से लागू हैं। बता दें कि एसबीआई ने एक महीने में दूसरी बार ब्याज दरें घटाई हैं। इससे पहले 10 मार्च को भी बैंक ने ब्याज दरों में कटौती कर दी थी। आइये जानते हैं एसबीआई की नयी ब्याज दरें कितनी हैं।
एसबीआई की नयी एफडी ब्याज दरें
नये संशोधन के बाद एसबीआई की 7 दिनों से 45 दिनों के बीच की एफडी पर अब 3.5 फीसदी ब्याज मिलेगा, जो पहले 4 फीसदी थी। वहीं एसबीआई ने 46 दिनों से 179 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 5 फीसदी से घटा कर 4.5 फीसदी कर दी है। वहीं 180 दिनों से एक साल तक पर 5.5 फीसदी के बजाय 5 फीसदी ब्याज मिलेगा जबकि 1 साल से 10 साल तक की जमा राशि पर पहले के 5.9 फीसदी से कम होकर 5.7 फीसदी ब्याज दर मिलेगी। वरिष्ठ नागरिकों को आधा फीसदी अधिक ब्याज मिलता रहेगा। ये दरें 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी के लिए हैं।
जमा पर भी घटाई ब्याज दर
इसके अलावा एसबीआई ने जमा पर ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक ने घरेलू रिटेल टर्म डिपॉजिट (टीडी) की ब्याज दरों में 20 से 50 आधार अंकों की कटौती की है। जबकि थोक टीडी ब्याज दरों में 50 से 100 आधार अंक तक की कटौती की गयी है। इससे एसबीआई ग्राहकों को अपनी जमा राशि बैंक पर कम ब्याज मिलेगा। इसके अलावा आरबीआई की सलाह के बाद एसबीआई ने अपने ग्राहकों को राहत भी दी है। एसबीआई के कर्जदारों को 3 महीने तक लोन की किस्त देने की जरूरत नहीं है। एसबीआई ने कार लोन से लेकर हाउसिंग और बाकी अन्य सभी प्रकार के लोन पर यह राहत दी है।
आरबीआई ने भी दी राहत
सरकार के बाद शुक्रवार को आरबीआई ने भी कई तरह की आर्थिक राहत दी ताकि लोगों को लॉकडाउन के बीच अधिक समस्याएं न आएं। आरबीआई ने जो घोषणाएं की हैं उनमें रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती, तीन महीनों के लिए सभी बैंकों को लोन की ईएमआई और ब्याज पर रोक की सलाह, सीआरआर यानी कैश रिजर्व रेशियो में कटौती और लिक्विडिटी बढ़ाना शामिल है।


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