SBI Q4 Results: मुनाफे में उछाल, फिर भी शेयर में गिरावट, क्या है असली वजह?

भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए अपने नतीजों का ऐलान कर दिया है। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.58 प्रतिशत बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये रहा। हालांकि बैंक का मुनाफा बाजार के अनुमानों से थोड़ा बेहतर रहा, लेकिन नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। विश्लेषकों ने इसमें सालाना आधार पर 6 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। कमजोर नतीजों और शुक्रवार को शेयर में आई भारी गिरावट के बाद अब सोमवार को बाजार खुलने पर पीएसयू बैंकिंग काउंटरों पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

SBI Q4 Results: मुनाफे में मामूली बढ़त, लेकिन ट्रेजरी ने बिगाड़ा खेल

चौथी तिमाही में बैंक का प्रदर्शन थोड़ा सुस्त रहा। इसकी बड़ी वजह नॉन-इंटरेस्ट इनकम में आई 29 प्रतिशत की गिरावट है, जो घटकर 17,314 करोड़ रुपये रह गई। पिछले साल की इसी तिमाही में जहां बैंक को निवेश की बिक्री पर 6,879 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार 1,471 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा। निवेश से होने वाली आय में आए इस बड़े बदलाव की वजह से ही बैंक के ओवरऑल नतीजे बाजार को निराश कर गए, जबकि बैंक का कोर लेंडिंग बिजनेस (कर्ज कारोबार) स्थिर बना हुआ है।

SBI Q4 Results 2026: Net Profit Rises, But Treasury Losses and NIM Decline Hit Shares – Check Dividend Details

ट्रेजरी घाटे से SBI की आय पर पड़ा असर

फंड की लागत बढ़ने और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट में की गई कटौती के कारण, चौथी तिमाही में ट्रेजरी ऑपरेशंस से होने वाली आय 23 प्रतिशत गिरकर 29,757 करोड़ रुपये रह गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 38,777 करोड़ रुपये थी। यह केवल एक तिमाही की बात नहीं है; आरबीआई का रेट कट साइकिल बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) के लिए निकट भविष्य में चुनौती बना रह सकता है। 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फ्लोटिंग रेट लोन के साथ, हर 0.25 प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट) की कटौती से SBI की सालाना नेट इंटरेस्ट इनकम में करीब 2,000 करोड़ रुपये की कमी आती है।

NIM में गिरावट ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

घरेलू बिजनेस के लिए नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना आधार पर 21 बेसिस पॉइंट घटकर 2.93 प्रतिशत रह गया, जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 3.14 प्रतिशत था। वहीं, पिछली तिमाही (Q3) के मुकाबले भी इसमें 18 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई है। SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी के मुताबिक, NIM में यह गिरावट मुख्य रूप से इसलिए आई क्योंकि दिसंबर में हुई रेट कट का असर लोन बुक पर पूरी तरह से जनवरी-मार्च तिमाही में दिखाई दिया। हालांकि, निवेशक इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए।

दलाल स्ट्रीट पर SBI का शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया। नतीजों के बाद हुई बिकवाली के चलते शेयर 5.84 प्रतिशत गिरकर 1,028.20 रुपये पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद भाव 1,092.00 रुपये था। इस गिरावट ने बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स को भी नीचे खींचा, जो उसी दौरान 600 अंक फिसल गया। शेयर में आई यह बड़ी गिरावट दिखाती है कि बाजार SBI जैसे दिग्गज बैंक के नतीजों में किसी भी तरह की कमी को लेकर कितना संवेदनशील हो गया है।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट और कॉस्ट रेशियो ने बढ़ाई टेंशन

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 27,704 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 11.45 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 15.70 प्रतिशत कम है। वहीं, कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो भी सालाना आधार पर 180 बेसिस पॉइंट बढ़कर 55.09 प्रतिशत हो गया। बढ़ती ऑपरेटिंग लागत का मुनाफे पर असर पड़ना एक ऐसा ट्रेंड है, जिस पर बाजार की पैनी नजर रहेगी, खासकर जब अन्य सरकारी बैंक अपने मार्च तिमाही के आंकड़े पेश करेंगे।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर SBI के लिए अच्छी खबर

नतीजों में सब कुछ निराशाजनक नहीं था। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार जारी है। ग्रॉस एनपीए (NPA) सालाना आधार पर 4.46 प्रतिशत घटकर 73,452 करोड़ रुपये रह गया। ग्रॉस एनपीए रेशियो भी सुधरकर 1.49 प्रतिशत पर आ गया है, जो एक साल पहले 1.82 प्रतिशत था। नेट एनपीए रेशियो में भी सुधार हुआ और यह 0.47 प्रतिशत से घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया। इसके अलावा, डूबे कर्ज के लिए प्रोविजनिंग भी 21 प्रतिशत घटकर 3,140 करोड़ रुपये रह गई। बैंक की यह साफ-सुथरी लोन बुक इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

पूरे वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मुनाफा

अगर तिमाही उतार-चढ़ाव को अलग रखकर देखें, तो पूरे साल का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2026 के लिए SBI ने अब तक का सबसे ज्यादा 80,032 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 12.9 प्रतिशत अधिक है। पूरे साल के दौरान नेट इंटरेस्ट इनकम 4.08 प्रतिशत बढ़कर 1,73,120 करोड़ रुपये रही, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11.25 प्रतिशत बढ़कर 1,23,015 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह प्रदर्शन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए राहत की बात है।

SBI ने किया ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

बैंक के सेंट्रल बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए 17.35 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (1,735 प्रतिशत) के डिविडेंड की घोषणा की है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 16 मई, 2026 तय की गई है और डिविडेंड का भुगतान 4 जून, 2026 को किया जाएगा। यह पिछले वित्त वर्ष (FY25) के 15.90 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड से अधिक है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

सोमवार को पीएसयू बैंक शेयरों पर क्या होगा असर?

पैमानाQ4 FY26Q4 FY25बदलाव (YoY)
नेट प्रॉफिट (करोड़ रुपये)19,68418,643+5.58%
NII (करोड़ रुपये)44,38042,618+4.13%
ऑपरेटिंग प्रॉफिट (करोड़ रुपये)27,70431,286-11.45%
ग्रॉस NPA रेशियो1.49%1.82%सुधार
घरेलू NIM2.93%3.14%-21 bps
डिविडेंड प्रति शेयरRs 17.35Rs 15.90ज्यादा

विश्लेषक आमतौर पर शेयर को लेकर सकारात्मक रुख रखते हैं और कई ने 'Buy' या 'Strong Buy' रेटिंग दी है। अगले 12 महीनों के लिए औसत टारगेट प्राइस 13 से 20 प्रतिशत की बढ़त का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, SBI की भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वह मार्जिन के दबाव को कैसे संभालता है और अपनी एसेट क्वालिटी को कैसे बरकरार रखता है। चूंकि अन्य सरकारी बैंक भी इसी तरह के ट्रेजरी और मार्जिन दबाव का सामना कर रहे हैं, इसलिए सोमवार का सत्र यह साफ कर देगा कि शुक्रवार की बिकवाली सिर्फ एक दिन का रिएक्शन था या सरकारी बैंकों में आई तेजी पर दोबारा विचार करने की शुरुआत।

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