SBI के नतीजों से पहले निवेशकों की धड़कनें तेज! क्या डिविडेंड का बड़ा दांव शेयर को देगा नई उड़ान?

State Bank of India (SBI) शुक्रवार, 8 मई को अपने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। निवेशक इस दौरान बैंक के मार्जिन, एसेट क्वालिटी में सुधार, लोन ग्रोथ की गाइडेंस और सबसे अहम डिविडेंड के ऐलान पर करीब से नजर रखेंगे। 9.85 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के मार्केट कैप वाले इस दिग्गज सरकारी बैंक के नतीजे दलाल स्ट्रीट के लिए सबसे बड़ी घटनाओं में से एक हैं। आज बैंक जो भी आंकड़े पेश करेगा, उसका असर न केवल इसके शेयरों पर, बल्कि पूरे सरकारी बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।

SBI Q4 FY26 Results: ट्रेजरी इनकम में गिरावट से मुनाफे पर पड़ सकता है असर

एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रेजरी इनकम में बड़ी गिरावट की वजह से SBI के Q4 FY26 के मुनाफे पर असर दिख सकता है। सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बैंक के पोर्टफोलियो में मौजूद बॉन्ड्स की मार्केट वैल्यू कम हुई है। हाल की तिमाहियों में सरकारी बैंकों की 'अदर इनकम' में ट्रेजरी इनकम (सरकारी सिक्योरिटीज और निवेश से होने वाला मुनाफा) का हिस्सा 22 से 35 फीसदी तक रहा है। ऐसे में इस मोर्चे पर झटका लगना बैंक के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

SBI Q4 FY26 Results Preview: Will Dividend Announcement Boost Stock? Check Profit Estimates & Asset Quality Outlook for 2026

ब्रोकरेज के अनुमान: मुनाफे को लेकर बंटी हुई है राय

चौथी तिमाही में SBI के मुनाफे में बड़ी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। अलग-अलग ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों में काफी अंतर है, जो सालाना आधार पर -12 फीसदी से लेकर +8 फीसदी तक है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि ट्रेजरी इनकम घटने से Q4 का मुनाफा सालाना आधार पर 12 फीसदी और तिमाही आधार पर करीब 22 फीसदी गिरकर 16,474 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं, नुवामा के एनालिस्ट्स काफी पॉजिटिव हैं और उनका मानना है कि नेट प्रॉफिट 8 फीसदी बढ़कर 20,090 करोड़ रुपये हो सकता है। मिरे एसेट शेयरखान का अनुमान है कि NII सालाना आधार पर 9.1 फीसदी की बढ़त के साथ 46,664 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है।

NII और लोन ग्रोथ से मिली राहत

इन चुनौतियों के बावजूद SBI का कोर बैंकिंग बिजनेस मजबूत रहने की उम्मीद है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है, जिसे 14 से 17 फीसदी की शानदार लोन ग्रोथ से सहारा मिलेगा। बैंक ने पहले ही अपनी FY26 लोन ग्रोथ गाइडेंस को 12-14 फीसदी से बढ़ाकर 13-15 फीसदी कर दिया था, जिसकी वजह कॉर्पोरेट क्रेडिट की बढ़ती मांग और रिटेल सेक्टर में मजबूती है। कोर लेंडिंग में यही तेजी 'बुल्स' यानी तेजी के कारोबारियों का भरोसा बढ़ा रही है।

एसेट क्वालिटी: दो दशक के सबसे बेहतरीन स्तर पर

31 दिसंबर 2025 तक SBI का ग्रॉस NPA रेशियो सुधरकर 1.57 फीसदी पर आ गया था, जो पिछली तिमाही में 1.73 फीसदी था। यह पिछले करीब दो दशकों में एसेट क्वालिटी का सबसे बेहतरीन स्तर है। चौथी तिमाही के लिए नुवामा का अनुमान है कि प्रोविजनिंग में सालाना आधार पर 37.5 फीसदी की कमी आएगी और ग्रॉस NPA करीब 8 फीसदी घटकर 70,860 करोड़ रुपये रह सकता है। वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही में बैंक की क्लीन बैलेंस शीट एक बड़ा स्ट्रक्चरल पॉजिटिव फैक्टर है।

डिविडेंड का ऐलान: आज मार्केट के लिए होगा 'वाइल्डकार्ड'

तिमाही नतीजों के साथ SBI का बोर्ड वित्त वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड के ऐलान पर भी विचार कर सकता है। सेबी को दी गई जानकारी के मुताबिक, बैंक का सेंट्रल बोर्ड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डिविडेंड देने पर फैसला ले सकता है। निवेशक इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि एक अच्छा डिविडेंड शेयर की कीमतों में जान फूंक सकता है। बेहतर पेआउट मैनेजमेंट के उस भरोसे को भी दिखाएगा जो वे पूरे साल की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर रखते हैं।

NIM और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगी नजर

नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 2.7 फीसदी के आसपास स्थिर रह सकता है, जो Q3 FY26 में 2.8 फीसदी था। इसके अलावा, डिपॉजिट जुटाने की रणनीति, NIM का भविष्य और क्रेडिट कॉस्ट पर मैनेजमेंट की कमेंट्री काफी अहम होगी। नतीजों के बाद शाम 5:15 बजे स्टेट बैंक भवन ऑडिटोरियम में एनालिस्ट मीट भी होगी। जानकारों का मानना है कि आंकड़ों से ज्यादा अहमियत इस बात की होगी कि मैनेजमेंट नतीजों के बाद आगे के लिए क्या संकेत देता है।

पैरामीटरQ4 FY25 के आंकड़ेQ4 FY26 का अनुमान (Consensus)
नेट प्रॉफिट (करोड़ रुपये)18,64016,474 से 20,116
नेट इंटरेस्ट इनकम (करोड़ रुपये)~42,77545,361 से 46,664
NIM (%)~2.82.7 से 2.8
ग्रॉस NPA (%)~1.73 (Q3 FY26)और गिरावट की उम्मीद

PSU बैंकों और बैंक निफ्टी पर दिखेगा असर

बैंक ऑफ बड़ौदा, SBI, केनरा बैंक और यूनियन बैंक जैसे सरकारी बैंकों के शेयरों में अप्रैल में अच्छी तेजी देखी गई थी। हालांकि, चौथी तिमाही के नतीजों पर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और RBI के डॉलर पोजीशन कैप का दोहरा असर दिख सकता है। जहां निफ्टी बैंक इंडेक्स में हाल ही में तेजी आई, वहीं 5 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में SBI का शेयर 3.9 फीसदी गिर गया। यह गिरावट बताती है कि बाजार ने नतीजों से पहले ही थोड़ी सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।

ज्यादातर एनालिस्ट्स SBI को लेकर पॉजिटिव हैं और 'Buy' या 'Strong Buy' की रेटिंग दे रहे हैं। अगले 12 महीनों के लिए दिए गए टारगेट प्राइस मौजूदा स्तर से 13 से 20 फीसदी की बढ़त का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंक मार्जिन के दबाव को कैसे झेलता है और लोन ग्रोथ के साथ एसेट क्वालिटी को कैसे बरकरार रखता है। निवेशकों के लिए आज का दिन सिर्फ नतीजों का नहीं, बल्कि यह समझने का एक मौका है कि देश का सबसे बड़ा बैंक आने वाले साल के लिए क्या तैयारी कर रहा है।

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