भारतीय बैंकिंग सेक्टर की नजरें अब 8 मई 2026 पर टिकी हैं। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), इस दिन अपने सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग करने जा रहा है। इस बैठक में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के साथ-साथ पूरे साल के लिए डिविडेंड (लाभांश) पर भी फैसला होगा। SBI ने कन्फर्म किया है कि 8 मई को नतीजों के बाद शाम 5:15 बजे एनालिस्ट मीट भी होगी। इस बड़े इवेंट का असर पूरे सरकारी बैंकिंग (PSU Banks) सेक्टर के सेंटिमेंट पर देखने को मिल रहा है।
SBI Q4 FY26 Results: सरकारी बैंकिंग के इस सबसे बड़े इवेंट से ब्रोकरेज को क्या हैं उम्मीदें?
एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रेजरी इनकम में भारी गिरावट की वजह से Q4 FY26 में SBI के मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस के अनुमानों में काफी अंतर है; मुनाफे में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की गिरावट से लेकर 8 प्रतिशत की बढ़त तक की उम्मीद जताई जा रही है। ट्रेजरी परफॉर्मेंस को लेकर बनी इसी अनिश्चितता ने बाजार की धड़कनें बढ़ा दी हैं, जिससे ये नतीजे मार्केट के लिए काफी अहम हो गए हैं।

मिराए एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) का अनुमान है कि SBI की ब्याज से होने वाली आय (NII) सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़कर 46,664 करोड़ रुपये रह सकती है। वहीं, नेट प्रॉफिट 7.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,116 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, जिसे 14.5 प्रतिशत की लोन ग्रोथ से सहारा मिलेगा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बैंक का मार्जिन (NIM) मोटे तौर पर स्थिर रहेगा और फीस इनकम व कम क्रेडिट कॉस्ट से ट्रेजरी के दबाव की भरपाई हो जाएगी।
दूसरी तरफ, नुवामा (Nuvama) सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आ रहा है। उसका अनुमान है कि नेट प्रॉफिट 8 प्रतिशत बढ़कर 20,090 करोड़ रुपये और NII 10 प्रतिशत बढ़कर 47,090 करोड़ रुपये रह सकता है। हालांकि, नुवामा ने ट्रेजरी इनकम में 54.7 प्रतिशत की भारी गिरावट (3,120 करोड़ रुपये) की आशंका जताई है। नतीजों में ट्रेजरी का प्रदर्शन ही सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
डिविडेंड पर भी रहेगी नजर; SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में हलचल
SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 8 मई का दिन काफी अहम है, क्योंकि बोर्ड डिविडेंड देने पर भी विचार कर सकता है। इससे निवेशकों का उत्साह दोगुना हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) भी इसी दिन अपने नतीजे और डिविडेंड का ऐलान करने वाला है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि BoB के लिए यह तिमाही मिली-जुली रहेगी, जहां मुनाफा 2 से 18 प्रतिशत तक गिर सकता है, हालांकि NII में 4 से 5 प्रतिशत की बढ़त देखी जा सकती है।
PNB पहले ही अपने नतीजे जारी कर चुका है। मार्च तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 14.4 प्रतिशत उछलकर 5,225 करोड़ रुपये रहा और उसने वित्त वर्ष 2026 के लिए 3 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है। PNB के इन शानदार आंकड़ों ने गुरुवार को होने वाले बड़े इवेंट से पहले पूरे PSU बैंकिंग सेक्टर के लिए माहौल पॉजिटिव बना दिया है।
PSU बैंक और बैंक निफ्टी: ट्रेडर्स के लिए कौन से लेवल्स हैं अहम?
बुधवार को इंट्राडे ट्रेड के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई। यह SBI के नतीजों से पहले सेक्टर में बढ़ती उम्मीदों को दर्शाता है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स, जिसमें SBI और PNB जैसे 12 दिग्गज शेयर शामिल हैं, इस समय मार्केट का हाल जानने के लिए सबसे अहम पैमाना है।
बैंक निफ्टी हाल ही में 54,547 के करीब बंद हुआ है, जहां ऑप्शंस डेटा 54,500 से 55,000 के स्ट्राइक जोन में भारी हलचल दिखा रहा है। SBI की बात करें तो शेयर के लिए 1,049 रुपये पर इमीडिएट सपोर्ट और 1,068 रुपये पर रेजिस्टेंस नजर आ रहा है। इसका RSI 46.22 है, जो संकेत देता है कि नतीजों से पहले शेयर न तो ओवरबॉट जोन में है और न ही ओवरसोल्ड।
| PSU बैंक | Q4 FY26 इवेंट | प्रमुख अनुमान / नतीजे |
|---|---|---|
| SBI | 8 मई 2026 को नतीजे | मुनाफा 17,000–20,000 करोड़ रुपये; डिविडेंड संभव |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 8 मई 2026 को नतीजे | मुनाफा 2–18% गिर सकता है; NII में 4–5% बढ़त |
| PNB | 6 मई को नतीजे आए | मुनाफा 14.4% बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये; ₹3 डिविडेंड |
| केनरा बैंक | 11 मई 2026 को बोर्ड मीटिंग | डिविडेंड और FY26 नतीजों पर होगा विचार |
SBI के नतीजों से पहले ट्रेडर्स किन बातों का रखें ध्यान?
ट्रेजरी के असर के अलावा, डिपॉजिट की बढ़ती लागत भी एक चिंता का विषय है। इससे SBI के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव पड़ सकता है, भले ही बैंक का कोर बिजनेस मजबूत दिख रहा हो। 14 से 17 प्रतिशत की लोन ग्रोथ के दम पर NII में करीब 9 प्रतिशत की बढ़त का अनुमान है। इंट्राडे ट्रेडर्स को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या SBI अपना सपोर्ट लेवल बचा पाता है, क्योंकि इसमें किसी भी गिरावट का असर दूसरे सरकारी बैंकों पर भी पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर बोर्ड के डिविडेंड वाले फैसले पर होगी, जो शेयर की कीमतों को ऊपर ले जा सकता है। 8 मई को एनालिस्ट कॉल के दौरान मैनेजमेंट की कमेंट्री काफी अहम होगी, खासकर ब्याज दरों के बदलते माहौल में NIM, डिपॉजिट स्ट्रैटेजी और एसेट क्वालिटी को लेकर उनका नजरिया क्या है। अगर डिविडेंड उम्मीद से बेहतर रहता है या एसेट क्वालिटी में सुधार दिखता है, तो यह SBI और PSU बैंक इंडेक्स दोनों के लिए बड़ा बूस्टर साबित होगा।
ज्यादातर एनालिस्ट्स SBI को लेकर पॉजिटिव हैं और 'Buy' या 'Strong Buy' की रेटिंग दे रहे हैं। 12 महीने के लिए दिए गए टारगेट प्राइस मौजूदा स्तर से 13 से 20 प्रतिशत तक की बढ़त का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, SBI की भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वह मार्जिन के दबाव को कैसे मैनेज करता है। 8 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि ये बुलिश टारगेट बरकरार रहेंगे या उनमें बदलाव होगा।


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