भारत के दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी इस वक्त कारोबारी जीवन के सबसे मुश्किल दौर में हैं। कर्ज के संकट में घिरे अनिल अंबानी के सामने अब एक नया संकट आ खड़ा हुआ है।
नई दिल्ली: भारत के दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी इस वक्त कारोबारी जीवन के सबसे मुश्किल दौर में हैं। कर्ज के संकट में घिरे अनिल अंबानी के सामने अब एक नया संकट आ खड़ा हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक ने अनिल अंबानी से लोन की वसूली के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का रुख कर लिया है। जी हां अब बैंक्रप्सी लॉ के पर्सनल गारंटी कानून का हवाला देते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया है। एसबीआई ने एनसीएलटी में केस दायर कर पर्सनल गारंटी कानून के तहत रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) को दिए कॉरपोरेट लोन के 1200 करोड़ रुपए अनिल अंबानी से मांगे हैं।

एसबीआई ने एनसीएलटी में दायर केस में कहा है कि आरकॉम के कॉरपोरेट लोन में अनिल अंबानी ने पर्सनल गारंटी दी थी। आरकॉम इस समय दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है। इंसोल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड के सेक्शन 97(3) के तहत दायर केस में एसबीआई ने एनसीएलटी से दखल देने और इंसोल्वेंसी बोर्ड को एक रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) नियुक्त करने की मांग की है। आरपी एक सप्ताह में अनिल अंबानी की संपत्ति का मूल्यांकन कर एनसीएलटी को रिपोर्ट सौंपेगा। उधर, अनिल अंबानी के वकील ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। उधर रिलायंस के प्रवक्ता ने कहा है कि आरकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल की ओर से लिया गया कॉरपोरेट लोन अनिल अंबानी का पर्सनल लोन नहीं है। प्रवक्ता का कहना है कि आरकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल के रेजोल्यूशन प्लान को 100 फीसदी कर्जदाताओं ने मार्च 2020 में पास किया है। अब इस रेजोल्यूशन प्लान को एनसीएलटी की मुंबई शाखा की मंजूरी का इंतजार है।
अनिल अंबानी एसबीआई के मामले में उचित जवाब दाखिल करेंगे और एनसीएलटी को इस मामले में याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं देनी चाहिए। आरकॉम को दिए कॉरपोरेट लोन में पर्सनल गारंटी देने पर अनिल अंबानी को 3 चीनी बैंकों को 717 मिलियन डॉलर यानी करीब 5448 करोड़ रुपए चुकाने हैं। हाईकोर्ट ऑफ इंग्लैंड एंड वेल्स के कमर्शियल डिविजन के जस्टिस नीगेल टीयरे ने मई में इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत तौर पर गारंटी दी है, ऐसे में उन्हें यह रकम चुकानी होगी। जिन चीनी बैंकों को इस रकम का भुगतान किया जाना है उसमें इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) की मुंबई शाखा, चाइना डवलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना शामिल हैं।
More From GoodReturns

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

RBI ने Repo Rate रखा बरकरार, EMI, महंगाई, रुपया और शेयर बाजार पर क्या असर?

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications