नई दिल्ली, मई 16। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी निधि आधारित उधार दर की सीमांत लागत (एमसीएलआर) में 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। इसने सभी अवधियों की एमसीएलआर में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एसबीआई का ये एक ऐसा कदम है, जिससे उधारकर्ताओं की ईएमआई में वृद्धि होगी। बता दें कि एसबीआई की तरफ से एमसीएलआर में एक महीने में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इन लगातार दो बढ़ोतरी के साथ एमसीएलआर में 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
आरबीआई के फैसले के बाद ऐलान
एसबीआई की तरफ से एमसीएलआर में ये बढ़ोतरी इस महीने की शुरुआत में रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के कारण ली गयी है। केंद्रीय बैंक ने रेपो दर में वृद्धि की, जिस पर वह बैंकों को अल्पकालिक तौर पर पैसा उधार देता है। रेपो रेट को बढ़ा कर आरबीआई ने 0.40 प्रतिशत बढ़ा कर 4.40 प्रतिशत कर दिया।
एमसीएलआर लिंक्ड लोन होंगे महंगे
इस वृद्धि के साथ ईएमआई उन उधारकर्ताओं के लिए बढ़ जाएगी जिन्होंने एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) पर लोन लिया है, न कि उनके लिए, जिनके लोन अन्य बेंचमार्क से लिंक्ड हैं। एसबीआई की बाहरी बेंचमार्क आधारित उधार दर (ईबीएलआर) 6.65 प्रतिशत है, जबकि रेपो-लिंक्ड उधार दर (आरएलएलआर) 1 अप्रैल से प्रभावी 6.25 प्रतिशत है।
कितनी होगी एमसीएलआर
आवास और ऑटो लोन सहित किसी भी प्रकार का लोन देते समय बैंक ईबीएलआर और आरएलएलआर पर क्रेडिट जोखिम प्रीमियम (सीआरपी) जोड़ते हैं। एसबीआई की वेबसाइट पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार संशोधित एमसीएलआर दर 15 मई से प्रभावी है। संशोधन के बाद एक साल की एमसीएलआर 7.10 फीसदी से बढ़कर 7.20 फीसदी हो गई है।
बाकी एमसीएलआर रेट चेक करें
एक रात, एक महीने और तीन महीने की एमसीएलआर 10 आधार अंक बढ़ कर 6.85 फीसदी हो गई, जबकि छह महीने की एमसीएलआर बढ़ कर 7.15 फीसदी हो गई। ज्यादातर कर्ज एक साल की एमसीएलआर दर से जुड़े होते हैं। वहीं, दो साल की एमसीएलआर 0.1 फीसदी बढ़कर 7.40 फीसदी हो गई, जबकि तीन साल की एमसीएलआर बढ़कर 7.50 फीसदी हो गई। आरबीआई द्वारा दरों में संशोधन के बाद, कई बैंकों ने पहले ही ब्याज दरें बढ़ा दी हैं और आने वाले दिनों में कुछ और के लोन महंगा करने की उम्मीद है।
एफडी रेट भी बढ़ाया
हाल ही में एसबीआई ने 2 करोड़ रुपये या उससे अधिक रुपये की एफडी कराने वालों को दी जाने वाली ब्याज दर में बढ़ोतरी करने का फैसला किया। एसबीआई की बेवसाइट के अनुसार 2 करोड़ रुपये और इससे ज्यादा की एफडी कराने वालों को 40 से लेकर 90 बीपीएस ज्यादा ब्याज मिलेगा। 100 बीपीएस का मतलब 1 फीसदी होता है। एसबीआई ने अमीरों को करीब 0.90 फीसदी तक ज्यादा ब्याज देने का ऐलान किया। आमतौर पर एसबीआई इसे डोमेस्टिक बल्क टर्म डिपॉजिट्स कहता है। एसबीआई की बेवसाइट के अनुसार 45 दिन की अवधि तक के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज की दर 3 फीसदी परबनी रहेगी। वहीं 46 दिन से 179 दिनों के लिए इसे 3 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी किया गया है। इसके अलावा 180 दिन से लेकर 210 दिन की जमा पर ब्याज दर में 40 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह ब्याज दर 3.1 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 3.5 फीसदी हो गई है। वहीं 211 दिन से लेकर 1 साल से कम अवधि की एफडी पर ब्याज दर 3.3 फीसदी से बढ़ाकर 3.75 फीसदी की गई है।


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