नई दिल्ली, अगस्त 4। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने आज अपने तिमाही नतीजे घोषित कर दिए। बैंक ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जिनमें इसने रिकॉर्ड 6504 करोड़ रु का मुनाफा कमाया है। ये इसका अब तक किसी भी तिमाही में कमाया गया सर्वाधिक मुनाफा है। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में बैंक के मुनाफे में 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2020 की अप्रैल-जून तिमाही में इसे 4,189.34 करोड़ रु का मुनाफा हुआ था। बैंक का मुनाफा जानकारों के अनुमान से भी अधिक रहा। इसके लिए 6,374.5 करोड़ रु के मुनाफे का अनुमान लगाया गया था। प्रोविजन में गिरावट और अन्य इनकम में जोरदार बढ़ोतरी के चलते इसके मुनाफे में शानदार बढ़त हुई।

प्रोविजन घटे, ब्याज इनकम बढ़ी
इस तिमाही में बैंक के प्रोविजन और आकस्मिक खर्चे 19.6 प्रतिशत घटकर 10,051.96 करोड़ रुपये रह गए, जबकि अन्य इनकम 48.5 प्रतिशत बढ़कर 11,802.7 करोड़ रुपये हो गई। एसबीआई की ब्याज इनकम 3.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 26642 करोड़ रु की हो गई। हालांकि जून तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन 9 आधार अंक घट कर 3.24 प्रतिशत रह गया।
गैर-ब्याज इनकम वाला बिजनेस
एसबीआई के गैर-ब्याज इनकम कारोबार ने तिमाही के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट में बैंक की इनकम सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत बढ़कर 11,803 करोड़ रुपये हो गयी। मगर तिमाही दर तिमाही आधार पर बैंक का एनपीए रेशियो बढ़ गया। जनवरी-मार्च तिमाही में 4.98 फीसदी के मुकाबले अप्रैल-जून में बैंक का सकल एनपीए अनुपात 5.32 फीसदी हो गया, जबकि शुद्ध एनपीए अनुपात 1.50 फीसदी से बढ़ कर 1.77 फीसदी हो गया।
कितनी रही क्रेडिट ग्रोथ
घरेलू बाजार में क्रेडिट ग्रोथ साल-दर-साल 5.6 फीसदी रही, जो संभवत: कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण सुस्त रही। बैंक ने कहा कि रिटेल लोन सालाना आधार पर 16.5 प्रतिशत की बढ़े। उसके बाद कृषि और छोटे बिजनेस लोन का नंबर रहा। एसबीआई के होम लोन, जो अब इसके एडवांस का 23 प्रतिशत है, वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 11 प्रतिशत बढ़े।


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