नई दिल्ली, जून 20। देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एफडी और आरडी के साथ ही वार्षिकी जमा योजना (एन्युटी डिपॉजिट स्कीम) भी ऑफर करता है। ये एक ऐसी योजना है, जिसमें ग्राहकों को एक बार में मोटा पैसा जमा करने के बाद हर महीने एक निश्चित राशि प्राप्त होती है। जो जानकारी एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गयी है, उसके अनुसार खाताधारक को समान मासिक किश्तों (ईएमआई) में एक निश्चित राशि दी जाती है। प्रिंसिपल राशि पर ब्याज की कैलकुलेशन करके निवेशकों को वो राशि बतौर ईएमआई दी जाती है। इस राशि की गणना तीन महीने की कंपाउंडिंग पर होती है। आगे जानिए इस शानदार स्कीम की पूरी डिटेल।
कौन कर सकता है निवेश
एसबीआई वार्षिकी योजना निवेशकों को एक बार में मोटी राशि का भुगतान करने के बाद हर महीने एक निश्चित ईएमआई प्राप्त करने की सुविधा देती है। ये स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर है। साथ जो लोग रिटायरमेंट के बाद हर महीने इनकम हासिल करना चाहते हैं वे भी इस योजना का अच्छे से फायदा ले सकते हैं। इस योजना में नाबालिगों सहित सभी रेसिडेंट इंडिविजुअल कस्टमर निवेश कर सकते हैं।
न्यूनतम निवेश राशि
एसबीआई वार्षिकी जमा के लिए न्यूनतम जमा राशि निवेश अवधि के लिए न्यूनतम मासिक वार्षिकी 1000 रु पर आधारित है। यानी 3 साल के लिए, न्यूनतम जमा राशि 36,000 रु होगी। हालांकि इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। एसबीआई की इस योजना में 3 साल, 5 साल, 7 साल और 10 साल की अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है।
ब्याज दर
एसबीआई वार्षिकी योजना पर लागू ब्याज दर एसबीआई की सावधि जमा (एफडी) के समान होती है। मान लीजिए कि आप पांच साल के लिए फंड जमा करते हैं, तो आपको पांच साल की सावधि जमा पर लागू ब्याज दर के अनुसार ही ब्याज मिलेगा। जैसे कि यदि एसबीआई पांच से 10 साल में मैच्योर होने वाली जमाओं पर 5.40% ब्याज दर दे रहा तो आपको इस योजना में भी इतना ही ब्याज मिलेगा। एक और बात कि वार्षिकी जमा खाता खोलने के लिए आप बचत, चालू या ओडी (ओवरड्राफ्ट) खाते को डेबिट कर सकते हैं। डेबिट करने के लिए चुना गया खाता इंटरनेट बैंकिंग चैनल के माध्यम से वैलिड ट्रांजेक्शनल खाता होना चाहिए और निष्क्रिय या बंद खाता नहीं होना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त फायदा
एफडी की तरह, वरिष्ठ नागरिकों को एसबीआई वार्षिकी योजना में लागू दर से 50 आधार अंक (बीपीएस) अधिक ब्याज मिलेगा। एसबीआई स्टाफ और एसबीआई पेंशनभोगियों को देय ब्याज दर लागू दर से 1 फीसदी अधिक होगी। एसबीआई वार्षिकी जमा योजना पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस लगेगा।
मिल सकता है लोन
एसबीआई इस योजना के साथ नॉमिनी की सुविधा भी प्रदान करता है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, विशेष मामलों में वार्षिकी के बैलेंस का 75 प्रतिशत तक का ओवरड्राफ्ट या लोन दिया जा सकता है। लोन के वितरण के बाद, आगे वार्षिकी भुगतान केवल लोन खाते में जमा किया जाता है। ब्याज राशि की गणना रुपये के न्यूनतम मूल्य पर की जाती है, इसके कारण अंतिम वार्षिकी किस्त में भिन्नता हो सकती है।


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