नई दिल्ली, जुलाई 25। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को एटीएम लेनदेन में होने वाले धोखाधड़ी से बचाने के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधारित नकद निकासी सेवा शुरू की है। जल्द ही कई स्टेट बैंक एटीएम से नकद निकासी के लिए इस नियक को लागू कर देगा। बैंक का यह अनधिकृत लेनदेन के खिलाफ सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में काम करेगा। एसबीआई के मुताबिक ग्राहकों को ट्रांजेक्शन पूरा करने के लिए एटीएम से कैश विदड्रॉल के दौरान ओटीपी डालना होगा।
चार अंको का होगा ओटीपी
ओटीपी एक सिस्टम-जनरेटेड चार अंकों की संख्या होगी जिसे ग्राहक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा प्राप्त करेगें। यह ओटीपी नकद निकासी को प्रमाणित करेगा और यह केवल एटीएम से लेनदेन के लिए मान्य होगा।
ओटीपी दर्ज पैसा निकाले की है सुविधा
देश के सबसे बड़े बैंक ने 1 जनवरी, 2020 को योनो एप की मदद से ओटीपी-आधारित नकद निकासी सेवाओं की शुरुआत की थी। एसबीआई समय-समय पर सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से एटीएम धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता फैलाता रहता है। बैंक सभी नयमों के लागू होने के बाद अपने सभी ग्राहकों से सेवा का लाभ उठाने की अपील करता है।
10 हजार से अधिक निकासी पर ओटीपी का करना होगा प्रयोग
एसबीआई के एटीएम से एक ट्रांजैक्शन में ₹ 10,000 या उससे अधिक की निकासी करने वाले ग्राहकों को ट्रांजेक्शन पूरा करने के लिए ओटीपी की जरूरत होगी। बैंक यग नया नियम अपने ग्राहको को फ्रॉड से बचाने के लिए ले कर आ रहा है।
क्या है नियम
- एसबीआई एटीएम से नकद निकालेत समय आपके पास डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन होना चाहिए।
- जब आप अपना डेबिट कार्ड डालते हैं और निकासी राशि के साथ एटीएम पिन दर्ज करते हैं, तो आपसे ओटीपी मांगा जाएगा
- आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ओटीपी प्राप्त होगा
- अपने फोन पर प्राप्त ओटीपी को एटीएम स्क्रीन पर दर्ज करें
- वैध ओटीपी दर्ज करने के बाद लेनदेन पूरा हो जाएगा


Click it and Unblock the Notifications