नई दिल्ली, दिसंबर 15। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने जनधन सहित बेसिक बचत खाता रखने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त सेवाओं (एडिश्नल सर्विसेज) के लिए भारी रकम वसूल की है। बैंक ने इन सेवाओं के लिए 2017-18 से अक्टूबर 2021 तक इन ग्राहकों से लगभग 346 करोड़ रुपये वसूले हैं। ये सेवाएं इन ग्राहकों के लिए उपलब्ध मुफ्त सर्विसेज से अलग हैं। इस बात की जानकारी वित्त मंत्रालय की तरफ से संसद में दी गयी है।
वित्त राज्य मंत्री ने दी जानकारी
वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने एक लिखित उत्तर में कहा है कि एसबीआई ने सूचना दी है कि उसने 2017-18 से अक्टूबर 2021 तक की अवधि के दौरान ग्राहकों की तरफ से मांगी जाने वाली मिनिमम अलाउड फ्री सर्विसेज से अधिक अतिरिक्त सेवाएं लेने के लिए 345.84 करोड़ रुपये का शुल्क वसूला है। ये जानकारी राज्यसभा में दी गयी है।
ये पैसा वापस मिलेगा
सीबीडीटी के 30 अगस्त 2020 के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को जानकारी दी गयी थी कि वे 1 जनवरी 2020 या इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मोड यानी रुपे डेबिट कार्ड, यूपीआई, यूपीआई क्यूआर कोड का उपयोग करके किए गए लेनदेन पर एकत्र किए गए शुल्क, यदि कोई हो, को ग्राहकों को वापस करें। साथ ही कहा गया था कि आगे इन तरीकों से किए जाने वाले लेन-देन पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
मिलती हैं फ्री सर्विसेज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत खोले गए खातों और बेसिक बचत बैंक जमा खाते (बीएसबीडीए) पर बेसिक मिनिमम फ्री फैसिलिटीज मिलती हैं। साथ ही इन खातों पर न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की भी आवश्यकता नहीं होती। हालांकि आरबीआई ने बैंकों को सलाह दी है कि वे उचित और पारदर्शी आधार पर निर्धारित बुनियादी न्यूनतम सेवाओं से ऊपर अतिरिक्त वैल्यू-एडेड सेवाओं के लिए एक प्राइसिंग स्ट्रक्चर (चार्ज) डेवलप करने के लिए स्वतंत्र हैं।
अपनी मर्जी से सेवाएं ले सकते हैं ग्राहक
एसबीआई द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार बैंक ने बीसी / सीएसपी पर न्यूनतम अनुमत मुफ्त सेवाओं से अलग ग्राहकों द्वारा मांगी गई अतिरिक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए 2019-20 से 2020-21 की अवधि के दौरान 224.8 करोड़ रुपये का शुल्क वसूला। एसबीआई ने 2019-20 में 152.42 करोड़ रुपये और 2020-21 में 72.38 करोड़ रुपये 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्राहकों पर लगाए। वहीं इसने 1 जनवरी 2020 से 14 सितंबर 2020 के दौरान 90.19 करोड़ रुपये भी वापस किए।
केवल वैल्यू एडेड सेवाओं के लिए चार्ज
भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया है कि उसने केवल जनधन ग्राहकों द्वारा मुफ्त सेवाओं की निर्धारित संख्या से अधिक की मांग की गई वैल्यू एडेड सेवाओं पर शुल्क लगाया है। बताते चलें कि चल रही आईपीओ की होड़ के बीच भारतीय स्टेट बैंक अपने म्यूचुअल फंड जॉइंट वेंचर के आईपीओ के लिए पूरी तरह तैयार है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई म्यूचुअल फंड भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और फ्रांस के अमुंडी एसेट मैनेजमेंट के बीच एक जॉइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड कंपनी आईपीओ के जरिए करीब 1 अरब डॉलर जुटा सकती है, जिससे कंपनी की वैल्यू करीब 7 अरब डॉलर हो जाएगी।
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