SBI Strike: इस महीने के आखिर में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सेवाओं में रुकावट आ सकती है, क्योंकि कर्मचारियों के यूनियनों ने दो दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसका असर यह हो सकता है कि बैंक की शाखाओं में चार दिनों तक कामकाज ठप रहे।

कब से कब तक रहेगी बैंक हड़ताल?
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने 25 और 26 मई को हड़ताल का आह्वान किया है। चूंकि 23 मई को चौथा शनिवार पड़ रहा है और 24 मई को रविवार है, इसलिए उम्मीद है कि SBI की ज्यादातर शाखाएं लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगी।
यूनियन ने कहा है कि इस आंदोलन का उद्देश्य स्टाफिंग, सेवा शर्तों, भर्ती नीतियों और पेंशन लाभों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान करना है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि कामगार श्रेणी के कर्मचारियों की चिंताओं का उचित समाधान नहीं किया गया है और पिछले कई समझौते अभी भी लागू नहीं हुए हैं।
2 मई को SBI चेयरमैन को सौंपे गए एक नोटिस में, फेडरेशन ने कहा कि यह हड़ताल 'औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947' के प्रावधानों के तहत की जाएगी। इसमें यह भी बताया गया कि अगर तय तारीखों के बीच कोई सार्वजनिक छुट्टी पड़ती है, तो विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम 27 मई तक बढ़ाया जा सकता है।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
बैंक हड़ताल के दिनों में कैश जमा करना, पैसे निकालना, चेक क्लियरिंग और खाते से जुड़ी रिक्वेस्ट जैसी काउंटर पर मिलने वाली सेवाएं शायद मौजूद न हों। हालांकि, SBI के ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। ATM सेवाएं भी चालू रहने की उम्मीद है, लेकिन बैकएंड का काम संभालने वाले कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कुछ प्रक्रियाएँ धीमी हो सकती हैं।
कर्मचारी क्या मांग कर रहे हैं?
पूरे भारत में SBI की हड़ताल, कर्मचारी-श्रेणी के स्टाफ की लंबे समय से लंबित शिकायतों के कारण हो रही है। फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि बैंक कर्मचारियों और मैनेजमेंट की पिछली मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं, और स्टाफिंग तथा सेवा शर्तों से जुड़े कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।
SBI की हड़ताल से पहले, यूनियन ने 5 मई से 18 मई के बीच कई विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई है, जिनमें प्रदर्शन, धरने, सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखना और मीडिया ब्रीफिंग शामिल हैं। AISBISF की योजना है कि वह 19 मई को वित्त मंत्री को एक ज्ञापन सौंपे और 21 मई को प्रधानमंत्री को भी इसी तरह का एक ज्ञापन प्रस्तुत करे।


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