नई दिल्ली, सितंबर 26। बैंक सेविंग अकाउंट के माध्यम से एक व्यक्ति को अपनी जरूरत के हिसाब से बैंक में पैसे रखने की सुविधा प्रदान करता हैं। देश के भीतर सेविंग अकाउंट को खुलवाने की कोई सीमा नहीं हैं यानी आप जितने चाहो उतना बैंक अकाउंट खुलवा सकते हैं। जीरो बैलेंस खाते को छोड़कर बाकी खाते में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी होता हैं। बैंक द्वारा निर्धारित राशि से यदि आपके खाते में कम पैसे रहते हैं तो फिर आपसे बैंक शुल्क लेता हैं।
पैसे जमा करने के लिए कोई फीस देना होता
लाइव मिंट की रिपोर्ट्स के अनुसार, टैक्स और निवेश सलाहकार बलवंत जैन कहते हैं कि सेविंग खाते में कोई भी भारतीय पैसा रख सकता हैं और कितना भी पैसा रखा सकता हैं। आयकर कानून या बैंकिंग रेगुलेशन्स ने सेविंग खाते में पैसे रखने की कोई सीमा तय नहीं की हैं। इसके साथ ही आपको सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने पर कोई शुल्क नहीं देना होता हैं। बल्कि आपको उल्टा ब्याज मिलता हैं।
आयकर ब्याज पर देना होता हैं
आपके सेविंग अकाउंट में जो पैसे रखे होते हैं बैंक में उसमें जो ब्याज बनता हैं उसमे आपको टैक्स देना होता हैं बैंक उसमें 10 प्रतिशत टीडीएस ब्याज पर काटता है जैन के मुताबिक, ब्याज पर आपको टैक्स देना होता हैं। मगर इस टैक्स कटौती पर फायदा भी कमाया जा सकता हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीए हैं उसके मुताबिक सभी व्यक्ति 10 हजार रु तक की टैक्स में छूट पा सकते हैं। अगर आपका ब्याज 10 हजार रु से कम बना हुआ होगा। तो फिर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। 60 वर्ष के अधिक उम्र के अकाउंट होल्डर्स को 50 हजार रु तक के ब्याज पर टैक्स नहीं देना होता है।
कितने होने चाहिए खाते
देश के भीतर कोई भी व्यक्ति कितना भी अकाउंट खुलवा सकता हैं। देश में सेविंग अकाउंट खुलवाने की कोई सीमा नहीं हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति के तीन से अधिक खाता नहीं होना चाहिए।


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