Sanchar Sathi App: क्या है संचार साथी ऐप; यह कैसे करेगा काम? आम मोबाइल यूजर्स के लिए कितना फायदेमंद? EXPALINER

Sanchar Sathi App; What Is Sanchar Saathi App: आज के समय में तमाम स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल्ड कई ऐसे ऐप्स आते हैं जो एक आम यूजर्स के लिए बेशक उपयोगी नहीं होता है और इसको लेकर कई बार सवाल भी उठाए गए हैं। हालांकि, कुछ ऐसे ऐप्स हैं जो यूजर्स को फोन खरीदते समय प्री-इंस्टॉल्ड मिलते हैं और इसका हमारे दिनचर्या के कामकाज को आसान बनाने में बहुत बड़ी भूमीका होती है।

अब इस दिशा में भारत सरकार के एक ऐप को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी मोबाइल फोन में 'संचार साथी' मोबाइल ऐप प्री-इंस्टॉल होना अनिवार्य कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि इस ऐप को किसी भी तरह से न तो हटाया जा सकता है और न ही इसे बंद या छिपाया जा सकता है। आदेश में आगे कहा गया है कि जो फोन पहले बिक चुके हैं उनमें कंपनियों को यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से उपलब्ध कराना होगा।

हालांकि, इसको लेकर विपक्षी दलों समेत कई संगठनों ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। विपक्ष के विरोध के बीच अब सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है और कहा है कि यह स्वेच्छिक है। जो भी यूज़र्स इसका फायदा लेना चाहता है वह रख रखता है और जिन्हें नहीं लेना है वह इसे हटा सकता है।

Sanchar Sathi App

सोमवार (1 दिसंबर) को DoT ने ये निर्देश सभी मोबाइल कंपनियों (OEMs) और इंपोर्टर्स को जारी कर दिया है। DoT ने निर्देश दिया कि अगले 90 दिनों के भीतर सभी नई डिवाइसों में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए। सरकार का ये नियम Apple, Samsung, Xiaomi, Oppo और Vivo जैसी सभी बड़ी कंपनियों के स्मार्टफोन्स पर लागू किया जाएगा।

सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

'संचार साथी ऐप' को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए न तो किसी की जासूसी की जाएगी और न ही कॉल मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि यह ऐप लोगों तक पहुंचाया जाए क्योंकि इसका उद्देश्य नागरिकों को धोखाधड़ी, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराध से बचाना है।

सिंधिया ने कहा, "अगर आप ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसे एक्टिवेट करें, अगर नहीं चाहते तो एक्टिवेट करने की जरूरत नहीं है। यह अनिवार्य नहीं है। आप चाहें तो इसे फोन से डिलीट भी कर सकते हैं।"

हालांकि, सरकार के इस नियम के बाद से हर कोई यह जानना चाह रहा होगा कि संचार साथी ऐप क्या है? इसका इस्तेमाल कैसे करें? यह कैसे काम करेगा और सबसे जरूरी चीज कि इस ऐप से एक आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा? यदि आपके भी मन में इस तरह के सवाल हैं तो चलिए जानते हैं विस्तार से....

क्या है संचार साथी ऐप? (What Is Sanchar Sathi App)

संचार साथी ऐप सरकार का बनाया साइबर सिक्योरिटी टूल है, जो 17 जनवरी 2025 को लॉन्च हुआ था। हालांकि ऐप की शुरुआत मई 2023 में एक वेब पोर्टल के रूप में हुआ थ। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और पूरी तरह मुफ्त है। यह ऐप खोए हुए मोबाइल फोन की शिकायत दर्ज करने और उन्हें ब्लॉक कराने की सुविधा देने के अलावा संदिग्ध या खतरनाक वेब लिंक की रिपोर्ट करने, अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं ये जांचने और बैंकों व फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स के ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट नंबर चेक करने में भी मदद करता है।

अब तक 1.14 करोड़ से ज्यादा यूजर्स ऐप पर रजिस्टर कर चुके हैं। Google Play Store पर इसे 1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया है, जबकि Apple Store से इसके 9.5 लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। इसकी सहायता से अब तक 26.11 लाख से ज्‍यादा चोरी हुए या खोए हुए फोन वापस मिल चुके हैं। इसकी मदद से 3 करोड़ से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्‍शन का पता कर उसके डिएक्टीवेट किया गया है जबकि 42 लाख से ज्‍यादा चोरी के डिवाइस अब तक संचार साथी की सहायता से ब्‍लॉक किए गए हैं।

'संचार साथी ऐप' कैसे काम करता है? (How Does 'Sanchar Saathi App' Work?)

संचार साथी ऐप सीधे सरकार की टेलीकॉम सिक्योरिटी प्रणाली (CEIR) से जुड़ा हुआ है। CEIR केंद्रीय डेटाबेस है जहां देश के हर मोबाइल फोन का IMEI नंबर दर्ज रहता है। यह ऐप फोन के IMEI नंबर, आपके मोबाइल नंबर और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी की मदद से आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

ऐप को ओपन करने पर सबसे पहले यह मोबाइल नंबर मांगता है। फोन नंबर डालने के बाद फोन पर एक OTP आता है, जिसे डालने पर फोन ऐप के साथ कनेक्ट हो जाता है। कनेक्ट होने पर यह ऐप IMEI नंबर की पहचान करता है और इसे DoT की केंद्रीय CEIR प्रणाली से मिलाता है। ऐप यह जांचता है कि फोन वैध है या कहीं चोरी या ब्लैकलिस्ट में दर्ज तो नहीं है।

मोबाइल यूजर्स को 'संचार साथी ऐप' से क्‍या-क्‍या फायदे हैं?

संचार साथी ऐप कई तरह के काम करता है, जिनका सीधा फायदा मोबाइल यूजर्स को मिलता है। यह ऐप आपके मोबाइल, SIM, सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान एक ही जगह देता है। फोन चोरी होने या खोने पर इसके जरिए तुरंत ब्लॉक करवा सकते हैं या ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा इससे यह पता चल सकता है कि आपके नाम पर कितनी SIM कार्ड चल रही हैं।

यदि कोई धोखाधड़ी करने के इरादे से कॉल करता है जैसे बैंक का अधिकारी बनकर OTP मांगना, फर्जी कूरियर कॉल, लॉटरी या KYC अपडेट करने का झांसा दे तो सीधे इस ऐप से उसकी शिकायत कर सकते हैं। आप किसी भी मोबाइल के IMEI नंबर को ऐप में डालकर जांच सकते हैं कि फोन असली है, चोरी का है, ब्लैकलिस्ट है।

इसके अलावा, अगर किसी भारतीय नंबर से इंटरनेशनल कॉल आता है, तो यूजर उसकी रिपोर्ट भी कर सकता है। संचार साथी ऐप सभी प्रमुख बैंकों और संस्थानों के वैध और सुरक्षित नंबर दिखाता है, जिससे यूजर किसी गलत नंबर पर कॉल न करें। खास बात यह है कि इन सेवाओं के लिए फोन पर OTP वेरिफिकेशन की भी जरूरत नहीं होगी।

संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करना सरकार ने क्यों किया अनिवार्य?

संचार साथी ऐप दूरसंचार क्षेत्र में साइबर अपराध और धोखाधड़ी को रोकने के लिए बनाया गया है। सरकार ने कहा है कि देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और टेलीकॉम दुरुपयोग को रोकने, मोबाइल चोरी और स्मगलिंग पर लगाम लगाने और नागरिक सुरक्षा और जागरूकता फैलाने के मकसद से संचार साथी ऐप को हर स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल्ड करना अनिवार्य किया गया है।

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