सैमसंग ने अब चीन को झटका दिया है। दुनिया की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में शुमार सैमसंग अब उत्तर प्रदेश में मोबाइल डिस्प्ले उत्पादों का निर्माण करेगी। बता दें कि सैमसंग की यह यूनिट इससे पहले चीन में स्थापित थी।
नई दिल्ली: सैमसंग ने अब चीन को झटका दिया है। दुनिया की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में शुमार सैमसंग अब उत्तर प्रदेश में मोबाइल डिस्प्ले उत्पादों का निर्माण करेगी। बता दें कि सैमसंग की यह यूनिट इससे पहले चीन में स्थापित थी।

सैमसंग यूपी में करेगा 4825 करोड़ रुपए का निवेश
वहीं दूसरी ओर देखें तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। निवेश को लुभाने के लिए योगी सरकार कई कदम उठाए हैं। तो अब इसका असर भी दिखाई देना शुरू हो गया है। दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने यूपी में 4825 करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया है। इसके तहत कंपनी यूपी के नोएडा में मोबाइल और आईटी डिस्प्ले बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। खास बात ये है कि सैमसंग की यह यूनिट पहले चीन में स्थापित थी लेकिन अब कंपनी ने चीन से अपना कारोबार समेटकर यूपी में निवेश करने का फैसला किया है।
करीब डेढ़ हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
सैमसंग द्वारा नोएडा में लगायी जाने वाली इस यूनिट से करीब डेढ़ हजार लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। इस यूनिट के काम शुरू करने के साथ ही भारत के हिस्से में एक उपलब्धि भी जुड़ जाएगी। दरअसल भारत, ओएलईडी तकनीक से बने मोबाइल डिस्प्ले का उत्पादन करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन जाएगा। सैमसंग के यूपी में भारी-भरकम निवेश करने से राज्य सरकार काफी उत्साहित है और यही वजह है कि सरकार ने निवेश के बदले सैमसंग को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। बीते कल शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने इस संबंध में कई फैसले लिए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2017 के तहत सरकार 5 साल में कंपनी को पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट समेत करीब 250 करोड़ रुपए की छूट देगी।
कई कंपनियां इस वजह से चीन से समेट रही कारोबार
इसके अलावा सैमसंग को केन्द्र सरकार की योजना स्कीम फॉर प्रोमोशन ऑफ मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्टानिक कंपोनेंट्स एंड सेमीकंडक्टर्स के तहत भी करीब 460 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर और कोरोना माहमारी के चलते कई कंपनियां चीन से अपना कारोबार समेटकर वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार, थाईलैंड बांग्लादेश और भारत में निवेश करने की योजना बना रही हैं। ऐसी खबरें आ रही हैं कि सैमसंग और एप्पल इंक समेत करीब दो दर्जन कंपनियां चीन से अपना कारोबार समेटकर भारत में करीब 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश कर सकती हैं।
सैमसंग ने किया सबसे ज्यादा 27 बिलियन डॉलर का निर्यात
बता दें कि दुनिया में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट, घड़ियों आदि में उपयोग होने वाले कुल डिस्प्ले उत्पाद का 70 प्रतिशत से अधिक सैमसंग द्वारा बनाया जाता है। नोएडा में लगने वाली यूनिट में हाई टेक्नोलोजी कम्पोनेन्ट डिस्प्ले का निर्माण किया जाएगा। बीते वित्तीय वर्ष में सैमसंग ने सबसे ज्यादा 27 बिलियन डॉलर का निर्यात किया है। अगले 5 वर्षों में कंपनी ने कुल 50 बिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य तय किया है।
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