नई दिल्ली, जुलाई 02। सहारा इंडिया समूह में देश के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का पैसा फंसा हुआ है। साल 2013 में जब मार्केट नियामक संस्था सेबी ने सहारा समूह को पैसों के लेनदेन करने से रोका था, तब से ही सभी इन्वेस्टर्स अपने पैसों को वापस पाने के लिए धैर्य बनाए हुए हैं। 2013 से अब तक लाखों लोग सहारा के ऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनका पैसा उन्हें वापस नहीं मिल पा रहा है। पैसे की वापसी की आस लगाए इन्वेस्टर्स के लिए एक खबर अच्छी आई है। सहारा परिवार ने एक पत्र जारी कर निवेशकों का पैसा लौटाने को लेकर बड़ी घोषणा की है।
25,000 करोड़ सेबी के पास - सहारा
सहारा इंडिया परिवार ने हाल ही में जारी एक बयान में कहा कि सेबी के पास हमारे 25,000 करोड़ रुपए रखे हैं और पिछले नौ वर्षो में एजेंसी ने कुछ इनवेस्टर्स को 125 करोड़ रुपए ही वापस किया है। सेबी का यह रवैया ना तो तर्कसंगत और ना ही उचित। सेबी को लोगों के हित में काम करना चाहिए। सहारा ने कहा कि सेबी को या तो निवेशकों को भुगतान करना चाहिए या पैसे सहारा समूह को लौटा देना चाहिए ताकि सहारा परिवार लोगों को पैसा लौटा सकें। सहारा परिवार लगातार सेबी से लोगों के पैसे लौटाने की अपील करता रहा है।
9 वर्षो से जब्त है पैसा
सहारा ने अपने बयान में बताया कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ही सहारा ने 25,000 करोड़ रुपए ब्याज समेत सेबी के पास जमा करा दिए थे। यह विडम्बना है कि यह धन पिछले 9 वर्षो से सेबी के पास व्यर्थ पड़ा है। सहारा ने कहा कि पाबंदियों के कारण हम हम कंपनी के संपत्ती को बेचकर या गिरवी रख कर भी निवेशकों को पैसा वापस नहीं कर सकते। बयान में कहा गया है कि सभी परिस्थितियों के बावजूद सहारा भुगतान तो कर रहा है लेकिन भुगतान में ज्यादा समय लग रहा है।
सेबी नहीं कर रही जिम्मेदारी से काम- सहारा परिवार
सहारा ने जारी स्टेटमेंट में कहा है कि निवेशक सेबी के गैर जिम्मेदाराना रवैये का शिकार हो रहा है। एक ओर सेबी ने सहारा के 25,000 करोड़ रुपए निवेशकों के हित के नाम पर अपने पास जब्त कर रखा है और उसके बाद सेबी ने मार्च, 2018 में स्टेटमेंट दिया था कि एजेंसी जुलाई, 2018 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं करेगी। सहारा ने कहा कि सेबी के फैसले से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
सेबी ने सहारा पर की है नई कार्यवाही
भारतीय मार्केट नियामक 'सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड' (सेबी) ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा समूह की कंपनी सहारा कमोडिटी सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ-साथ तीन अन्य पर 12 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। सेबी ने यह जुर्माना साल 2008 और 2009 के बीच ऐच्छिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने के रेगुलेशन का उल्लंघन करने को लेकर लगाया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सहारा प्रमुख और सहारा ग्रुप की दो कंपनियों के साथ-साथ अशोक रॉय चौधरी, रवि शंकर दुबे और वंदना भार्गव पर यह जुर्माना लगाया है। निर्देश के अनुसार सभी को मिल कर जुर्माने की राशि 45 दिनों के भीतर जमा करनी है।
More From GoodReturns

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके



Click it and Unblock the Notifications