Sahara India : फंसा है पैसा तो घुमाएं फोन, जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर

नई दिल्ली, अगस्त 01। भारत में आज तक जितने बड़े घोटाले हुए हैं उनमें से एक है सहारा इंडिया का घोटाला। देश के लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के पैसे इस घोटाले में डूब गये और अभी भी फंसे हुए हैं। यदि आपका पैसे भी सहारा इंडिया में फंसा हैं तो ये खबर आपके लिए थोड़ी राहत भरी हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार इस मामले में काफी प्रयास कर रही है।

जारी हुआ नया नंबर

जारी हुआ नया नंबर

गौरतलब है कि झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने एक नया हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। ये नंबर सहारा इंडिया सहित किसी भी दूसरी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) और कॉर्पोरेटिव सोसाइटी के लिए भी है। यानी आपका पैसा इनमें से किसी में भी फंसा है तो आप जारी किए गए नये नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।

इस नंबर पर करें फोन

इस नंबर पर करें फोन

झारखंड सरकार का फाइनेंस डिपार्टमेंट एक्शन में है। इसीलिए एक नया पुलिस हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। ये नंबर 112 है। जिन लोगों का पैसा सहारा इंडिया में भी फंसा है वे लोग भी इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीआईडी के साथ मिलकर वित्त विभाग शिकायत की जांच करेगा।

झारखंड के लोगों के कितने पैसे फंसे

झारखंड के लोगों के कितने पैसे फंसे

आपको बता दें कि ऐसे करोड़ों लोगों हैं, जिनके पैसे सहारा इंडिया में फंसे हैं। झारखंड के एक विधायक नवीन जायसवाल के मुताबिक झारखंड के लोगों के करीब 2500 करोड़ रु इस मामले में फंसे हुए हैं। ये पैसा राज्य के करीब 3 लाख लोगों का है।

ऐसे हुई शुरुआत

ऐसे हुई शुरुआत

सहारा-सेबी मामला असल में सहारा इंडिया परिवार की दो कंपनियों द्वारा जारी वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) जारी करने का मामला है। इस पर सेबी ने अपने अधिकार क्षेत्र का दावा किया था और इस पर आपत्ति जताई थी कि सहारा ने इसकी अनुमति क्यों नहीं ली। इस मामले में बहुत लोग शामिल हैं। जैसे कि तीन करोड़ व्यक्तियों से 24,000 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

अब से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की जिन दो कंपनियों का जिक्र किया गया है उनको सेबी के साथ निवेशकों का पैसा तीन महीने के अंदर लौटाने का आदेश दिया था। इतना ही नहीं इस पैसे पर 15 फीसदी ब्याज भी लौटाने को कहा गया था। सेबी को सभी ओएफसीडी धारकों की डिटेल देने का भी निर्देश था। इसके बाद सहारा ने 127 ट्रकों को सेबी के ऑफिस भेजा, जिनमें निवेशकों की जानकारी थी। मगर रिपोर्ट के अनुसार ये सारे निवेशकों की जानकारी नहीं थी। इसलिए सहारा पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह रहा। सहारा ने सेबी को समय पर पैसा नहीं लौटाया। इसके बाद सहारा इंडिया के बैंक अकाउंट और संपत्ति को फ्रीज किए गए। जनवरी 2014 में सहारा ग्रुप के चेयरमैन गिरफ्तार भी हुए। नवंबर 2017 में ईडी ने सहारा ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चलाना शुरू किया। फिर पूरा सहारा ग्रुप कानूनी शिकंजे में आ गया। इस पूरे मामले में लोगों की परेशानी सबसे बड़ा मुद्दा रही है।

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