भारतीय SME IPO मार्केट में इस हफ्ते काफी हलचल रहने वाली है। आज यानी सोमवार, 6 अप्रैल से 'Safety Controls & Devices' का पब्लिक ऑफर खुल गया है। वहीं, 'Emiac Technologies' का IPO अब अपने आखिरी चरण में है और यह 8 अप्रैल को बंद होगा। हालांकि, ग्रे मार्केट के संकेतों को देखें तो शुरुआत थोड़ी सुस्त रह सकती है। रिटेल और बड़े निवेशकों, दोनों के बीच फिलहाल सावधानी भरा माहौल दिख रहा है।
Safety Controls & Devices इस IPO के जरिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार के लिए फंड जुटाना चाहती है। यह कंपनी भारत के कई इंडस्ट्रियल सेक्टर्स को सेफ्टी इक्विपमेंट सप्लाई करती है। निवेशकों के लिए आज सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे प्रीमियम के बजाय कंपनी के बिजनेस और फंडामेंटल्स पर ध्यान देना बेहतर है। अक्सर देखा गया है कि रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह लिस्टिंग के दिन अच्छा मुनाफा दिलाता है।

Safety Controls & Devices और Emiac Technologies: सब्सक्रिप्शन से जुड़े अहम अपडेट्स
Emiac Technologies को इस हफ्ते निवेशकों से ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला है। इसमें बोली लगाने के लिए मंगलवार तक का समय है। आमतौर पर रिटेल निवेशक आखिरी दिन ज्यादा एक्टिव होते हैं। इन आंकड़ों को देखकर निवेशक अपनी बिड साइज और बजट प्लान कर सकते हैं। फाइनल सब्सक्रिप्शन नंबर्स से ही अंदाजा लगता है कि लिस्टिंग कैसी रहने वाली है।
Safety Controls & Devices और Emiac Technologies: कब होगा अलॉटमेंट?
दोनों कंपनियों के शेयरों का अलॉटमेंट 9 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है। निवेशक रजिस्ट्रार के पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक कर पाएंगे। ग्रे मार्केट में कम प्रीमियम को देखते हुए लग रहा है कि लिस्टिंग पर मुनाफा सीमित रह सकता है। छोटे सेक्टर्स में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए रिटेल निवेशकों की भागीदारी बहुत जरूरी है। यह ट्रेंड दिखाता है कि निवेशक अब रिस्क और रिवॉर्ड के बीच तालमेल बिठाकर चल रहे हैं।
| IPO का नाम | सब्सक्रिप्शन की अवधि | अलॉटमेंट की तारीख |
|---|---|---|
| Safety Controls & Devices | Apr 6 - Apr 8 | April 9 |
| Emiac Technologies | Apr 2 - Apr 8 | April 9 |
जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट अकाउंट में 10 अप्रैल तक शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसके अगले हफ्ते स्टॉक एक्सचेंज पर इनकी लिस्टिंग होगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को समझकर ही रिस्क लें। लिस्टिंग के दिन होने वाली हलचल का अंदाजा डेली GMP से लगाया जा सकता है। कुल मिलाकर, ये IPO दिखाते हैं कि भारत में छोटी कंपनियों के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।


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