
S&P : एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की तरफ से कहा गया है कि चैलेंजिंग ग्लोबल कंडीशन के बीच भारत की अर्थव्यवस्था एक बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इसकी वृद्धि को स्ट्रॉन्ग फंडामेंटल आगामी 2 से 3 साल में और बेहतर करेंगे।
एसएंडपी ने बीबीबी लॉन्ग टर्म और ए-3 शॉर्ट टर्म, अनसोलिसाइटेड विदेशी और लोकल करेंसी सावरेन क्रेडिट रेटिंग को पुष्टि की, जबकि लॉन्ग टर्म रेटिंग के नजरिए से स्थिर बनाए रखा है।
एसएंडपी की तरफ से कहा गया है कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और स्वस्थ राजस्व की वृद्धि इसकी कमजोर वित्तीय स्थिति को ठीक करने में काफी सहायता करेगी।
एजेंसी की तरफ से यह अनुमान लगाया गया है कि भारत के कठोर मूल सिद्धांत आने वाले 24 महीनों में सरकार की वित्त पोषण की आवश्यकता और कर्ज पर हाई ब्याज की दरों के बोझ का समर्थन करने के लिए पर्याप्त होगा।
एसएमपी को यह उम्मीद है कि 2023-24 में देश की अर्थव्यवस्था में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इंवेस्टमेंट और कंज्यूमर गति के साथ आने वाले कुछ साल में विकास की संभानाओं में बेहद सहायता मिलेगी।
एसएंडपी ने कहा कि हालांकि, देश का पब्लिक फाइनेंस वीक बना हुआ है, कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) आवंटन में एक स्ट्रॉन्ग तेजी सरकार के विट्यू कार्यक्रमों की गुणवत्ता को बढ़ाती है।
इसमें कहा गया है कि ज्यादा प्रभावी कैपेक्स कार्यक्रम की भौतिक बुनियादी ढांचे की कैपेसिटी में भारत की व्यापक कमी को दूर करने में काफी सहायता मिलनी चाहिए। समय के साथ ही यह अर्थव्यवस्था की व्यापक कैपेसिटी का समर्थन करेगा।
रेटिंग एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि मजबूत रेवेन्यू लाभ कर साथ भी देश में राजकोषीय समेकन ने समान रेटिंग स्तर परक्षेत्रीय सा साथियों को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा लेकिन यह उम्मीद है कि केन्द्र सरकार आने वाले कुछ सालों में फाइनेंशियल ईयर 2027 तक सकल घरेलू उत्पाद के करीब 7.3 प्रतिशत तक अपने घाटे को धीरे धीरे कम कर देगी।


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