नई दिल्ली, फरवरी 24। रूसी करेंसी रूबल में गुरुवार को गिरावट आई। असल में मॉस्को एक्सचेंज और सेंट पीटर्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की डोनबास में "विशेष सैन्य अभियान" की घोषणा के बाद सभी ट्रेडिंग्स को रोक दिया है। इसका रूसी रूबल पर निगेटिव पर असर पड़ा है। रूसी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी 2016 के बाद पहली बार अमेरिकी डॉलर 84 रूबल से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार की सुबह तक एक्सचेंज रेट 86.21 रूबल प्रति डॉलर या 96.90 रूबल प्रति यूरो था। एक्सचेंज द्वारा निर्धारित ट्रेडिंग बैंड की सीमा तक कोटेशन पहुंचने के बाद मॉस्को एक्सचेंज ने रूबल में ट्रेडिंग रोक दी।

मॉस्को एक्सचेंज में तबाही
मॉस्को एक्सचेंज ने एक बयान में घोषणा की कि उसने "अगली सूचना तक अपने सभी बाजारों में कारोबार को निलंबित कर दिया है। इसके तुरंत बाद सेंट पीटर्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज ने भी इसे फॉलो किया। मॉस्को एक्सचेंज ने फूड रिटेलर मैग्नीट (-14.51%), मोबाइल नेटवर्क एमटीएस (-14.09%), खनन कंपनी नॉर्निकेल (-12.39%), और ऊर्जा निगम गज़प्रोम (-11.50%) सहित सभी शेयरों में बड़ी गिरावट दिखाई।
राष्ट्रपति पुतिन का ऐलान
राष्ट्रपति पुतिन ने गुरुवार तड़के डोनबास में "विशेष सैन्य अभियान" की घोषणा की, जब नए मान्यता प्राप्त (केवल रूस द्वारा) डोनेट्स्क और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक ने "यूक्रेनी आक्रमण" से बचाव के लिए रूसी सैन्य सहायता का अनुरोध किया। हालांकि रूसी नेता ने जोर देकर कहा कि यूक्रेनी क्षेत्रों पर उनकी कब्जा करने की कोई योजना नहीं है और यह किसी पर बलपूर्वक कुछ भी नहीं थोपेगा, लेकिन उन्होंने कहा कि मॉस्को यूक्रेन को "विसैन्यीकरण" करना चाहता है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा का बयान
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने दावा किया कि रूस ने यूक्रेन पर फुल-स्केल पर आक्रमण शुरू किया। संयुक्त राष्ट्र, नाटो, यूरोपीय कमीशन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने मॉस्को के फैसले की निंदा की और संयुक्त प्रतिक्रिया की धमकी दी।


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