Rupee Vs Dollar: भारतीय रुपया मंगलवार को अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर खुल सकता है, क्योंकि बिगड़ते रिस्क माहौल से लगातार असंतुलित फ्लो का दबाव बढ़ रहा है, जो करेंसी पर भारी पड़ रहा है। आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 90.82 के नए लाइफटाइम निचले स्तर पर खुला।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील में प्रोग्रेस को लेकर क्लैरिटी की कमी और लगातार कैपिटल आउटफ्लो जैसी लगातार मुश्किलों के कारण रुपये में गिरावट आ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते ट्रेड डेफिसिट के कारण भी दबाव बढ़ रहा है और रुपये की कीमत गिरने की आशंका इंपोर्टर्स को हेजिंग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिससे एक्सपोर्टर्स डॉलर की सप्लाई बढ़ाने से हिचकिचा रहे हैं।
इंडिया फॉरेक्स एंड एसेट मैनेजमेंट ने कहा कि "रुपये की कमजोरी का मौजूदा दौर घबराहट के बजाय फ्लो की वजह से ज्यादा लग रहा है। कम समय में कैपिटल आउटफ्लो भारत की स्ट्रक्चरल ताकतों पर भारी पड़ रहा है। जब तक पोर्टफोलियो फ्लो में साफ बदलाव नहीं होता या ट्रेड के मोर्चे पर कोई पॉजिटिव वजह नहीं मिलती, तब तक रुपया दबाव में रहने की संभावना है।"
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित पबारी ने कहा, "कॉन्फिडेंस में यह कमी मुख्य रूप से एक अनसुलझे मुद्दे, भारत-अमेरिका ट्रेड डील की वजह से है। हालांकि कोई नया आर्थिक झटका नहीं लगा है, लेकिन क्लैरिटी की कमी सेंटीमेंट पर भारी पड़ रही है।"
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