नई दिल्ली, जुलाई 13। भारत का रुपया डालर के खिलाफ बुधवार को लगातार तीसरे सत्र में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण विदेशी निवेशकों का अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों जारी होने के पहले जोखिम वाली संपत्ति को बेचना जारी रखना है। रुपया अपने पिछले बंद 79.5975 की तुलना में इस वक्त 79.66/67 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। रुपये ने आज 79.6675 का स्तर भी छू लिया है, जो अभी तक का रिकॉर्ड लो स्तर है।
जानिए पिछले 5 दिनों के रुपये का क्लोजिंग स्तर
- मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे की कमजोरी के साथ 79.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
- सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे की कमजोरी के साथ 79.44 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
- शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे की कमजोरी के साथ 79.25 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
- गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे की मजबूती के साथ 79.17 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
- बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे की मजबूती के साथ 79.30 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
जानिए कितना और टूट सकता है रुपया
बैंक ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रुपया चालू साल के अंत तक 81 प्रति डॉलर का स्तर भी दिखा सकता है। वही इस साल अभी तक भारतीय रुपया 9 फीसदी से अधिक लुढ़क चुका है। डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल कीमतों में तेजी ने रुपया को कमजोर करने का काम किया है।
रुपये में कमजोरी पर जानिए आप पर क्या होगा असर
भारत कच्चे तेल से लेकर जरूरी इलेक्ट्रिक सामान और मशीनरी के साथ मोबाइल-लैपटॉप समेत अन्य गैजेट्स आयात करता है। रुपया कमजोर होने के कारण इन वस्तुओं का आयात पर अधिक रकम चुकानी पड़ेगी। इसके चलते भारतीय बाजार में इन सामानों की कीमत बढ़ जाएगी। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसका भुगतान भी डॉलर में होता है और डॉलर के महंगा होने से रुपया ज्यादा खर्च होगा।


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