नयी दिल्ली। रुचि सोया भारत में मौजूद सबसे बड़ी खाद्य तेल कंपनियों में से एक है। हैरानी की बात ये है कि रुचि सोया का शेयर पिछले 103 दिनों में 8818 फीसदी ऊपर चढ़ गया है। जी हां इस शेयर ने 103 दिनों के अंदर 8818 फीसदी की मजबूती हासिल की है। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि पिछले साल ये कंपनी दिवालिया हो गई थी और तब दिवालिया बिक्री में बाबा रामदेव की पतंजलि ने रुचि सोया को खरीद लिया था। रुचि सोया, जो पिछले साल दिवालिया हो गई थी, अब मार्केट कैपिटल के लिहाज से स्टॉक एक्सचेंज की टॉप 60 कंपनियों में शामिल हो गई है। हालांकि शेयर में इस भारी तेजी के चलते कंपनी के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है, क्योंकि एक्सपर्ट्स को इसके पीछे कोई मजबूत कारण नहीं दिख रहा। एक्सपर्ट रुचि सोया के शेयर में इतनी तेजी के देखते हुए बाजार नियामक सेबी से जांच कराना चाहते हैं।
दोबारा लिस्ट हुआ है शेयर
रुचि सोया का शेयर स्टॉक एक्सचेंज से अनलिस्टेड हो गया था। इसके बाद 27 जनवरी 2020 को इसे फिर से लिस्ट कराया गया। तब से 8818 फीसदी मजबूत होकर शु्क्रवार को ये 1507 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू केवल 103 सत्रों में 500 करोड़ रुपये से 44,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सोमवार को कंपनी का शेयर 5 फीसदी घट कर 1,431.95 रुपये पर आ गया। मार्केट-कैप के लिहाज से रुची सोया अब ल्यूपिन, टोरेंट फार्मा, टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट्स, एचपीसीएल, ग्रासिम, पीएनबी, हिंडाल्को, यूपीएल, कोलगेट-पामोलिव और हैवेल्स इंडिया जैसी कई दिग्गज कंपनियों से आगे पहुंच गई है।
विश्लेषक हो गए हैं सतर्क
इतनी अधिक तेजी के चलते विश्लेषक शेयर को लेकर सतर्क हो गए हैं। उन्हें लगता है कि सेबी को रुचि सोया के मामले में ध्यान देना चाहिए और जांच करनी चाहिए कि इस तेजी का कारण क्या है। उनके मुताबिक बाजार नियामक को कंपनी से पूछना चाहिए कि वह 25 प्रतिशत के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंडों को पूरा करने की योजना बना रही है या नहीं। सेबी के नियमों के अनुसार किसी कंपनी में 25 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक की होना जरूरी है। 31 मार्च 2020 तक कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 99.03 फीसदी थी।
रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी बेहद कम
रुचि सोया में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 1 फीसदी से भी कम है। कंपनी के 29.58 करोड़ शेयरों में से पतंजलि समूह के पास 98.87 प्रतिशत शेयर हैं। जबकि पब्लिक शेयरधारकों के पास शेष 33.4 लाख शेयर हैं। दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा (Profit Before Exceptional Items And Tax) पिछले साल की तिमाही में 6.29 करोड़ रुपये से 24 गुना बढ़ कर 151 करोड़ रुपये रहा था।


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