
Punjab : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ड्रोनों और सरहद पार से तस्करों की आवाजाही पर बेहद ही सख्ती से नजर रखने के लिए सरहदी गाँवों में सीसीटीवी कैमरे को लगाने के लिए 20 करोड़ रु की राशि मंजूर किए हैं। इस बात की जानकारी बुधवार को विशेष डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) अर्पित शुक्ला ने दी।
उन्होंने यह भी कहा है कि डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने ड्रोन के द्वारा हथियारों/नशीले पदार्थों की बरामदगी कराने में सहायता करने वाले संबंधी सूचना देने वाले को 1 लाख रु का इनाम देने की भी घोषणा किया है।
विशेष डीआईजी अर्पित शुक्ला अमृतसर के खासा में सरहद पार तस्करी को रोकने के साथ-साथ सुरक्षा को और बेहतर करने के लिए तालमेल और कम समीक्षा बैठक को करने के लिए आईजी फ्रंटियर हैडक्वाटर, बीएसएफ जालंधर डॉ. अतुल फुलजेले और पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों के साथ के पहुंचे थे। मीटिंग में डीआईजी बार्डर रेंज नरिन्दर भार्गव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पंजाब पुलिस और बीएसएफ के बीच में और अधिक टीमवर्क का न्योता देते हुए विशेष डीजीपी ने कहा कि यह वक्त बिलकुल सही है जब सरहदों पर ड्रोन ऑपरेशन का मुकाबला करने के लिए पंजाब पुलिस और बीएसएफ को मिलकर और बेहतर तालमेल के साथ वर्क करना चाहिए।
इसके साथ ही विशेष डीजीपी ने सीमा पर से राज्य में हथियारों और नशीले पदार्थ की तस्करी को रोकने के लिए सबूत पर आधारित और सक्रिय पुलिसिंग करने की आवश्यकता पर भी बेहद अधिक जोर दिया।
विशेष डीजीपी ने सरहरी जिलों के सीनियर पुलिस सुपरडैंटों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल को और मजबूत और मुश्तेद होने के लिए कहा है।
इसके साथ ही उन्होंने सरहद पार तस्करी में शामिल भारतीय नागरिकों पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे को लगाने के लिए सीमावर्ती गांवों में सामरिक महत्ता वाले स्थानों और हॉटस्पॉट्स के बारे भी चर्चा की।
विशेष डीजीपी बीएसएफ अधिकारियों को कहा है कि पंजाब पुलिस को शक्की व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी दे। जिससे उन पर पैनी नजर रहे और अगर वो आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो फिर उस पर उचित कार्यवाही की जा सके।
विशेष डीजीपी की तरफ से सीपीज/एसएसपीज को हिदायत दी गई है विशेष डीजीपी ने सीपीज/एसएसपीज को कहा है कि वे अपने अधिकारी क्षेत्र में विशेष तौर पर रात के वक्त पुलिस चौकियों को बढ़ाएं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वाहनों की चैकिंग को यकीनी बनाए जिससे आतंकवादी और अपराधिक गतिविधियों का नकेल डाली जा सके।
उन्होंने सलाह दी है कि सभी नाकों को कुछ इस तरह से सिंक्रोनाईज किया जाना चाहिए कि केवल एक कॉल पर जल्द ही मुस्तैद हो जाएँ।
उन्होंने सरहदी क्षेत्र में अपराधियों और तस्करों के बीच गठजोड़ को रोकने के लिए सरहदी क्षेत्रों में ग्राम सुरक्षा समिति को भी सक्रिय करने के लिए प्रस्ताव दिया।
विशेष डीजीपी की तरफ से कहा गया है कि यह समितियाँ यानी ग्राम सुरक्षा समिति पुलिस की आँखें और कानों की तरह कार्य करेगी और यह समितियां सरहदी राज्य में से नशा, गैंगस्टारों का सफाया करने के लिए राज्य की पुलिस के प्रयत्न का पूरक होगी।
इस दौरान एसएसपी बटाला अश्वनी गोट्याल, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण सतीन्द्र सिंह, एसएसपी पठानकोट हरकमलप्रीत सिंह खक्ख, एसएसपी गुरदासपुर हरीश दिआमा आदि उपस्थित थे।


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