PM Kisan : जानिए गरीब किसानों का पैसा कैसे लूटा जा रहा

नई दिल्ली। मोदी सरकार की देश के मेहनतकश किसानों के लिए शुरू की गई पीएम किसान स्कीम में पैसों की लूट शुरू हो गई है। हाल ही पीएम किसान स्कीम में 1 अरब रुपये से ज्यादा का घोटाला पकड़ में आया है। ऐसे घोटालों के चलते ही अक्सर सही और हक रखने वाले किसान इस स्कीम का फायदा नहीं ले पा रहे हैं, और फर्जी लोग इस स्कीम का फायदा उठा रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि इस घोटाले में सरकारी अफसरों की मिलीभगत भी सामने आई है। पीएम किसान योजना के तहत देश के किसानों को हर साल 12000 रुपये दिया जाता है। यह पैसा किसानों को ऑनलाइन 3 किस्तों में दिया जाता है।
आइये जानते हैं कि पीएम किसान स्कीम में यह घोटाला कहां पकड़ में आया है और कितने करोड़ रुपये का यह कुल घोटाला है।

तमिलनाडु में पकड़ में आया घोटाला

तमिलनाडु में पकड़ में आया घोटाला

दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में पीएम किसान स्कीम में बड़ा घोटाला सामने आया है। अभी तक पकड़ में आए इस घोटोल में करीब 110 करोड़ रुपये को फर्जी तरीके से लेने का मामला पकड़ा जा सका है। जांच में पता चला है कि धोखाधड़ी करके पीएम किसान स्कीम से करीब 110 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान ऑनलाइन निकाला गया है। इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों और कुछ नेताओं की मिलीभगत का भी खुलासा हुआ है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में अभी तक 18 लोगों को पकड़ा गया है। 

पीएम किसान में हुए घोटाले में कई अधिकारी शामिल

पीएम किसान में हुए घोटाले में कई अधिकारी शामिल

तमिलनाडु के प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बेदी ने बताया है कि उन्होंने पहली बार अगस्त 2020 में देखा कि इस योजना में असामान्य रूप से लाभार्थियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसा केवल 13 जिलों में देखने में मिला। इसको लेकर शक होने पर हुई जांच में यह घोटाला सामने आया है। बेदी ने बतााय है कि अभी तक 18 लोगों को, जिसमें एजेंट और दलाल थे, पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के पीएम किसान स्कीम से जुड़े 80 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। वहीं 34 अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

जानिए कैसे हो रहा था पीएम किसान स्कीम में फ्रॉड

जानिए कैसे हो रहा था पीएम किसान स्कीम में फ्रॉड

तमिलनाडु के प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बेदी के अनुसार यह घोटाला काफी सफाई से हो रहा था। लेकिन शक होने पर जांच शुरू हुई और यह घोटाला पकड़ा जा सका। उन्होंने बताया कि जांच में मिला कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन अनुमोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया था। इसके चलते कई लाभार्थियों को अवैध रूप से पीएम किसान स्कीम से जोड़ा गया। इस घोटाले में सरकारी अधिकारी पूरी तरह से शामिल रहे हैं। यह अधिकारी नए लाभार्थियों का नाम जुड़वाने पर दलालों को लॉगिन और पासवर्ड प्रदान करते थे, और 2000 रुपये का अवैध लेनदेन करते थे।

अब हो रही है घोटाला करने वालों से वसूली

अब हो रही है घोटाला करने वालों से वसूली

पीएम किसान में घोटाला करने वालों से अब सरकार रकम की वसूली कर रही है। अभी तक सरकार ने 110 करोड़ रुपये के घोटोल में से करीब 32 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। सरकार का दावा है कि बाकी पैसों की भी जल्द ही वसूली हो जाएगी।

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