RIL और Future deal : सुप्रीम कोर्ट ने Amazon के पक्ष में फैसला सुनाया

नई दिल्ली, अगस्त 6। रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई 24,731 करोड़ रुपये की डील खतरे में पड़ गई है। देश की सुप्रीम अदालत ने इस मामले में ऐमजॉन के पक्ष में फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार अक्टूबर में आया सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत का फैसला एकमद सही है। मध्यस्थता अदालत ने भी इस डील पर रोक लगायी थी।

Reliance Future Group Deal

कई दिनों से चल रही है कानूनी लड़ाई

रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के हुई इस डील को लेकर ऐमजॉन सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था। ऐमजॉन सिंगापुर की अदालत का फैसला लागू करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई थी। फ्यूचर ग्रुप ने पिछले साल अगस्त महीने में फ्यूचर रीटेल सहित अन्य 5 लिस्टेड कंपनियों का फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड में विलय कर दिया था। वहीं इसके बाद अपना रीटेल कारोबार रिलायंस को ट्रांसफर कर दिया था।

इमरजेंसी केस हुआ था फाइल

रिलायंस रिटेल और फ्यूचर ग्रुप में हुई डील के खिलाफ अमेजॉन ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर में एक इमरजेंसी केस फाइल किया था। इस केस का फैसला अमेजॉन के पक्ष में सुनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी आज उसी फैसले को भारत में लागू करने की बात कही है। दरअसल आज से 1 साल पहले रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनेस को खरीदने का एक समझौता किया था। यह डील 24,713 करोड़ रुपये की थी।

ये है अमेजॉन और रिलायंस विवाद

अमेजॉन ने दिसंबर 2019 में फ्यूचर रिटेल की एक कंपनी फ्यूचर कूपंस में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। अमेजॉन ने इस डील के खिलाफ अक्टूबर 2020 में एसआइ्रएसी में भी केस किया था। अमेजॉन ने भारत में भी कई कोर्ट में यह मामला दायर किया था। अमेजॉन का कहना है कि फ्यूचर रिटेल उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी रिलायंस रिटेल को अपनी कंपनी बेचकर हुई डील की शर्तों का उल्लंघन कर रही है।

सीसीआई दे चुकी है मंजूरी

वहीं इससे पहले रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) मंजूरी दे चुका है। वहीं सीसीआई के अलावा, इस डील के लिए सेबी और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से मंजूरी मिलना बाकी है। अगर यह हो जाता तो रिलायंस रिटेल को फ्यूचर ग्रुप के देश भर में फैले 1800 स्टोर पर अधिकार मिल जाता। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। ऐसे में इन मंजूरियों का मतलब काफी कम हो जाता है। क्योंकि देश में फैसला देने के लिए सबसे बड़ी अदालत सु्प्रीम कोर्ट है। यहां से फैसला रिलायंस के हक में नहीं आया है। ऐसे में अब रिलायंस को इस डील पर नए सिरे से सोचना होगा। वहीं फ्यूचर ग्रुप पहले ही कह चुका है कि अगर उसकी रिटेल चेन का सौदा नहीं हो पाया तो उसे यह कारोबार बंद तक करना पड़ सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी गिरावट

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है। एनएसई पर आज यह 45.20 रुपये की गिरावट के साथ 2089.05 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई पर रिलायंस के शेयर ने आज अपना न्यूनतम स्तर 2,078.75 रुपये का और अधिकतम का स्तर 2,146.95 इतने रुपये का बनाया।
वहीं बीएसई पर आज यह 42.65 रुपये की गिरावट के साथ 2090.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। वहीं बीएसई पर रिलायंस के शेयर ने आज अपना न्यूनतम स्तर 2,079.20 रुपये का और अधिकतम का स्तर 2,146.00 इतने रुपये का बनाया।

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