CPI inflation: महंगाई को लेकर बड़ी खबर आ रही है. देश में रिटेल महंगाई बढ़ गई है. जून में महंगाई दर 5 फीसदी के पार निकल गई, जोकि 5.08% रही. जून में महंगाई दर 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. इस दौरान खाद्य महंगाई दर 9.4% रही. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मई में रिटेल महंगाई दर 12 महीने के निचले स्तर पर फिसल गया था. नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. आज 12 जुलाई को ही मई IIP के आंकड़े भी जारी हुए हैं. IIP दर मई में 5.9% रही.
खाद्य महंगाई ने बढ़ाई चिंता
खाद्य महंगाई की वजह से टेंशन बढ़ी हुई है. जून में लगातार 8वें महीने खाद्य महंगाई दर 8% के ऊपर रही. खाद्य महंगाई को मापने वाला कंज्युमर प्राइस इंडेक्स मासिक आधार पर 1.33% ऊपर रहा, जोकि खाने की कीमतें जून में 3.17% बढ़ी. फूड सेगमेंट में सब्जियां और दालों की महंगाई बरकरार रहा, जोकि क्रमश: 29.3% और 16.1% की महंगाई दर के साथ डबल डिजिट में रहे. खासकर दालों की बात करें तो इसमें लगातार 13वें महीने डबल डिजिट की महंगाई दर्ज की गई. जबकि सब्जियों की महंगाई दर लगातार 8वें महीने डबल डिजिट में रही.

महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें देरी से घटेंगी?
महंगाई दरों में आए उछाल का असर ब्याज दरों पर सेंट्रल बैंक के फैसलों पर पड़ सकता है. क्योंकि, महंगाई को काबू पाने के लिए ही दरों में बदलाव किया जाता है. हालांकि, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही CNBC TV18 से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बोला था कि दरों में कटौती पर बात करना फिलहाल जल्दबाजी होगी. ऐसे में अगस्त पॉलिसी में दरें घटने की उम्मीदें लगभग शून्य हो गई हैं.
RBI की MPC मीटिंग कब है?
रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा कमिटी की मीटिंग में अगस्त में है, जोकि 6 से 8 अगस्त के दौरान होगी. बता दें कि जून पॉलिसी में RBI ने लगातार 8वीं बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. इसके तहत रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखा था. हालांकि, अमेरिका में महंगाई दरों में लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज की गई. जून में महंगाई दर घटने से सितंबर पॉलिसी में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बढ़ गई हैं.


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