
RBI increased the purchase of gold: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार उसके पास गोल्ड रिजर्व बढ़ रहा है। जहां मार्च 2020 में आरबीआई के पास गोल्ड रिजर्व 2.09 लाख करोड़ रुपये का था, वहीं यह 24 मार्च 2923 को बढ़कर 3.75 लाख करोड़ रुपये का हो गया है।
जहां तक विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड रिजर्व की हिस्सेदारी है तो यह मार्च 2020 में करीब 6 फीसदी थी। वहीं अब यह बढ़कर 7.85 फीसदी हो गई है। यहां पर एक बात और ध्यान रखने वाली है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी काफी तेजी से बढ़ा है।
वैश्विक आर्थिक दशा के चलते यह देखा जा रहा है कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों की सरकारें भी गोल्ड में निवेश बढ़ा रही हैं। गोल्ड को हरदम ही एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि भारत सहित दुनिया की अन्य सरकारें गोल्ड में निवेश बढ़ा रही हैं।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 2022 में अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 70 बिलियन डॉलर का 1,136 टन गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ाई है। 1967 के बाद से किसी भी वर्ष में सबसे अधिक गोल्ड खरीद का आंकड़ा है।
गोल्ड रिजर्व के मामले में टॉप 10 देश
अमेरिका : 8133 मीट्रिक टन
जर्मनी : 3355 मीट्रिक टन
इटली : 2452 मीट्रिक टन
फ्रांस : 2437 मीट्रिक टन
रूस : 2299 मीट्रिक टन
चीन : 1948 मीट्रिक टन
स्विटरलैंड : 1040 मीट्रिक टन
जापान : 846 मीट्रिक टन
भारत : 786 मीट्रिक टन
नीदरलैंड : 612 मीट्रिक टन

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन : 3.37 ट्रिलियन डॉलर
जापान : 1.25 ट्रिलियन डॉलर
स्विट्जरलैंड : 899,627 बिलियन डॉलर
रूस : 600,200 बिलियन डॉलर
भारत : 586,412 बिलियन डॉलर
नोट : आंकड़े 25 अप्रैल 2023 तक के अपडेट हैं।


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