Republic Day 2026: सोमवार को देश 77वें गणतंत्र दिवस समारोह मना रहा है। आज के दिन देश इस समारोह के ज़रिए अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस समारोह के मुख्य अतिथि हैं।

इस गणतंत्र दिवस का परेड बेहद खास है, क्योंकि हाल ही में गठित सैन्य इकाइयों और 'ऑपरेशन सिंदूर' की प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे। कर्तव्य पथ पर आयोजित यह कार्यक्रम 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित है।
इस बार का विशेष आकर्षण भारतीय सेना का 'चरणबद्ध युद्ध संरचना' (Phased Battle Array) पहली बार प्रदर्शित होगा। इसमें ड्रोन, टैंक और तोपखाने को ऐसे युद्ध अभ्यास के रूप में दिखाया जाएगा, जो वास्तविक युद्ध के हालात को दर्शाता है।
इस साल गणतंत्र दिवस परेड में 40 देशों से आए बौद्ध भिक्षु और भिक्षुणियां विशेष अतिथि के रूप में शामिल हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू समेत तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य दिग्गजों ने देश को शुभकामनाएं दी।
देश की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय पर्व: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर पोस्ट में लिखा, 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे. विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है।'
सांस्कृतिक एकता आज भी हमारे लोकतंत्र को जीवंत बनाए हुए है: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 'हमारा संविधान विश्व इतिहास के सबसे बड़े लोकतांत्रिक गणराज्य का आधार ग्रंथ है। संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श हमारे गणतंत्र को परिभाषित करते हैं। यही आदर्श संविधान निर्माताओं की भावना और देश की एकता का मजबूत आधार हैं।' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, 'लाभार्थियों को प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुविधाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 'जीवन की सुगमता' पर जोर दिया जा रहा है।'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक हमारी प्राचीन सांस्कृतिक एकता का ताना-बाना हमारे पूर्वजों ने बुना है। यही सांस्कृतिक एकता आज भी हमारे लोकतंत्र को जीवंत बनाए हुए है और प्रत्येक भारतीय को जोड़ती है।
राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और विकास के प्रति समर्पण...: सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और विकास के प्रति समर्पण ही हमारे लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत बनाता है। मुख्यमंत्री ने अमर सेनानियों को स्मरण करते हुए संविधान के आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संदेश का समापन "जय हिंद" के उद्घोष के साथ किया।
हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान: राजस्थान के सीएम
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह ऐसा पर्व है जिसमें हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी और बाद में यह संविधान लागू हुआ, उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।
शहीदों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन: तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने शुभाकामनाएं देते हुए कहा, 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज का यह पावन अवसर महान स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों, संविधान निर्माताओं और अमर शहीदों को स्मरण करने तथा उनके त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।" उन्होंने आगे कहा, "त्याग, बलिदान, संघर्ष और समर्पण से भरे कर्तव्य-पथ पर चलकर हमारे पुरखों ने हमें एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था सौंपी है। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी यह प्रतिज्ञा लें कि देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे और अपने सकारात्मक प्रयासों से अपने पुरखों के संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत के सपने को साकार करेंगे। साथ ही, देश की प्रगति और समृद्धि में बढ़-चढ़कर योगदान देते रहेंगे।"
स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं, जवानों और आम नागरिकों को सलाम: सीएम ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान के मूल मूल्यों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने की अपील की। ममता बनर्जी ने विविधता, समावेशिता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं, जवानों और आम नागरिकों को सलाम किया।


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