नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण देश भर में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर काफी निगेटिव असर पड़ा है। अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया, जिस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज विस्तार से जानकारी दी। भारत की पस्त अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने की रणनीति के हिस्से के रूप में सरकार फंड की कमी का सामना कर रही बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) को 90,000 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। ये 90000 करोड़ रुपये इसी 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का हिस्सा है। कमजोर अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए लाए गए राहत पैकेज पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार विभिन्न सेक्टरों के लिए 15 जरूरी उपाय करेगी। डिस्कॉम्स के लिए ये राहत इन्हीं 15 कदमों में से एक है।

डिस्कॉम्स के सामने कैश का संकट
वित्त मंत्री ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिजली कंपनियां इस समय कैशफ्लो की दिक्कत से जूझ रही हैं। इस 90,000 करोड़ रुपये से बिजली कंपियों को सरकारी वित्तीय संस्थानों का चुकाने में मदद मिलेगी। सरकारी बिजली कंपनियां पीएफसी (पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन) और आरईसी (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन) डिस्कॉम की प्राप्तियों पर मार्केट से पैसा जुटा कर 90000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी मुहैया करेंगी। इस पर राज्य सरकारें गारंटी देंगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएफसी और आरईसी बिजली कंपनियों को लोन देने वाली सबसे बड़ी कंपनियां हैं। इनके पास 80 अरब डॉलर की संपत्ति है।
एक बार मिलने वाली मदद
ये सरकार की तरफ से दी गई एक बार मिलने वाली मदद है। जिसका इस्तेमाल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनियों, ट्रांसमिशन कंपनियों, स्वतंत्र बिजली उत्पादकों और नवीकरणीय ऊर्जा जनरेटर का भुगतान करने के लिए किया जाएगा। बिजली कंपिनयों को मदद के अलावा वित्त मंत्री ने और भी कई सेक्टरों के लिए घोषणाएं की हैं, जिनमें एमएसएमई, एनबीएफसी शामिल है। इसके अलावा सैलेरी पाने वालों को राहत देते हुए टीडीएस घटाया गया है।


Click it and Unblock the Notifications