भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना के प्रसार को कम करने के लिए मोदी सरकार ने देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है।
नई दिल्ली: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना के प्रसार को कम करने के लिए मोदी सरकार ने देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। ऐसी स्थिति में सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन को देखते हुए मोटर व्हीकल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम को जमा करने की समयसीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। जी हां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य और मोटर बीमा पॉलिसीधारकों को राहत दी है। वो पॉलिसीधारक जिनकी स्वास्थ्य और मोटर (थर्ड पार्टी) बीमा पॉलिसी लॉकडाउन के कारण रिन्यू नहीं हो पाई थीं, सरकार ने उन्हें अपनी पॉलिसी को रिन्यू करने के लिए 15 मई 2020 या उससे पहले भुगतान करने की अनुमति दी है।

15 मई तक किया जा सकता बकाया प्रीमियम का भुगतान
मालूम हो कि वित्त मंत्रालय ने इसके लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया। दरअसल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन की अवधि को 15 अप्रैल से 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में लोगों को होने वाली परेशानियों के मद्देनजर सरकार ने वाहन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का भुगतान करने की तारीख बढ़ा दी है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह उन लोगों के लिए है, जिनका 25 मार्च से तीन मई के बीच ड्यू है और कोरोना वायरस में लॉकडाउन की वजह से पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। जबकि वहीं पुरानी अधिसूचना के अनुसार, लॉकडाउन पार्ट 1 में इस छूट को 25 मार्च से 14 अप्रैल तक की अनुमति दी गई थी। इसमें पॉलिसीधारकों को 21 अप्रैल तक प्रीमियम बकाया का भुगतान करना था। अब लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से 15 मई तक बकाया प्रीमियम का भुगतान किया जा सकता है।
वाहन चलाने के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य
बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 146 के अनुसार, सड़कों पर वाहन चलाने के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है। थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के लिए अगर ग्राहक इसे समय रहते रिन्यू नहीं कराते हैं, तो बिना थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने से 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला जा सकता है। लॉकडाउन में जारी रहेगा इंश्योरेंस कंपनियों का काम मालूम हो कि सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) और इंश्योरेंस कंपनियां अपना काम जारी रखेंगी।


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