नयी दिल्ली। मार्केट कैपिटल के आधार पर देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज कई सेक्टरों में कामयाबी हासिल कर चुकी है। इनमें ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, टेक्सटाइल, प्राकृतिक संसाधन और टेलीकॉम शामिल हैं। रिलायंस की मौजूदगी रिटेल सेक्टर में भी है और अब कंपनी की नजर इसी सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की है। इसके लिए रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के साथ डील कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस फ्यूचर ग्रुप का रिटेल कारोबार खरीदेगी।
बहुत जल्द हो सकता है डील का ऐलान
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के साथ डील करने के बेहद करीब है। दोनों पक्षों कुछ नियमों और शर्तों पर अपने मतभेदों का हल निकाल लिया है और जल्द ही एक डील की घोषणा की जाएगी। फ्यूचर ग्रुप का कारोबार कई इकाइयों में फैला हुआ है। इनमें 6 लिस्टेड कंपनियां भी शामिल हैं। रिलायंस फ्यूचर ग्रुप की रिटेल, सप्लाई चेन और संबंधित व्यवसायों का अधिग्रहण करेगी। इसके साथ ही दिग्गज कारोबारी किशोर बियानी की भारत के आधुनिक रिटेल सेक्टर में भूमिका खत्म हो जाएगी।
फ्यूचर रिटेल पर है दबाव
रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच एक मतभेद फ्चूयर रिटेल के वैल्यूएशन को लेकर रहा है। इस बीच पिछले सप्ताह अमेरिकी डॉलर-मूल्यवर्गीय बॉन्ड पर ब्याज भुगतान में चूक के बाद फ्यूचर रिटेल को बढ़े हुए लिक्विडिटी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद फिच ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में कटौती की। बता दें कि प्रमोटरों की फ्यूचर रिटेल में 42 फीसदी हिस्सेदारी है, जो हाइपरमार्केट चेन बिग बाजार और किराना चेन ईज़ीडे क्लब चलाती है। फ्यूचर के बोर्ड सदस्यों ने आखिरकार दोनों पक्षों के बीच डील की अंतिम रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है। अगले कुछ दिनों में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
रिलायंस का प्लान
इस संभावित सौदे के जरिए रिलायंस का प्लान भारतीय रिटेल सेक्टर में अपना दबदबा कायम करने का है। क्योंकि इस सेक्टर में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों फॉर्मेट शामिल हैं। फ्यूचर के साथ डील के बाद रिलायंस अपनी रिलायंस रिटेल में वैश्विक भागीदारों और निवेशकों को लाएगी। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार रिलायंस रिटेल की वैल्यू 29 अरब डॉलर की है।
दूसरी सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी
हाल ही में रिलायंस की मार्केट कैपिटल 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान ऊर्जा कंपनी बनने के लिए एक्सॉनमोबिल को पीछे छोड़ दिया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार तेल-से-टेलीकॉम तक की दिग्गज रिलायंस अब मार्केट कैपिटल मामले में वैश्विक स्तर पर 46वें स्थान पर पहुंच गई। बीते गुरुवार को रिलायंस 48वें स्थान पर थी, मगर एक्सॉनमोबिल से पीछे थी। अगले दिन शुक्रवार को इसके शेयर की कीमत 2,146.20 रुपये पर वापस लौटने से पहले 2,163 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची, जिससे कंपनी 46वें स्थान पर पहुंची। इस समय कंपनी का शेयर 2172 रु पर है और इसकी मार्केट कैपिटल 14.32 लाख करोड़ रु है।


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