नयी दिल्ली। हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी डिजिटल यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए दो और डील की हैं। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स में कुल निवेश राशि 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई है। पिछले दिनों एल कैटरटन ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 1894.50 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की, जिससे ये इसकी 0.39 फीसदी हिस्सेदारी की मालिक बन जाएगी। वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स की 0.93 फीसदी हिस्सेदारी के लिए टीपीजी एमएस के साथ रिलायंस ने 4546.80 करोड़ रुपये की निवेश डील की है। अब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज, जो मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी है, ने जियो प्लेटफॉर्म्स की 22.38 फीसदी हिस्सेदारी बेच कर 104,326.65 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। मगर इस 1 लाख करोड़ रु से ज्यादा के निवेश में रिलायंस ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। आइये जानते हैं कि क्या हैं वो रिकॉर्ड।
जियो प्लेटफॉर्म्स का शानदार रिकॉर्ड
एक तरफ जब दुनिया कोरोनावायरस और लॉकडाउन के कारण कारोबारों के ठप्प होने से परेशान है। तो वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स सबसे ज्यादा प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश हासिल करने वाली भारतीय कंपनी बन गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 8 हफ्तों में 10 निवेशकों से 22.238 फीसदी हिस्सेदारी के बदले 104,326.65 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें 8 बड़े ग्लोबल निवेशकों से कंपनी को 60,753.36 करोड़ रुपये पीई निवेश हासिल हुआ है। अंतिम डील एल कैटरटन कंज्यूमर के साथ की गई है, जो दुनिया की प्रमुख प्राइवेट इक्विटी कंपनी है।
किस-किस के साथ हुई डील
जहां तक जियो प्लेटफॉर्म्स की अब तक की गई डील का सवाल है तो रिलायंस ने सबसे पहले अप्रैल में फेसबुक के साथ 43,574 करोड़ रुपये की डील की थी। इसके बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ने केकेआर, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल एटलांटिक, मुबाडाला, एडीआईए, टीपीजी और एल कैटरटन के साथ सौदे किए हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत में पीई निवेश में पिछले तीन वर्षों में बढ़ोतरी देखी गई है। फरवरी में आई एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 में भारत में प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश ने 48 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर रहा था।
रिलायंस का राइट्स इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए की जा रही डील के पीछे रिलायंस का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द अपना कर्ज जीरो करना है। इसी उद्देश्य से कंपनी राइट्स इश्यू भी लेकर आई। रिलायंस के निवेशकों को राइट्स इश्यू के तहत कंपनी ने हर 15 शेयरों के बदले 1 शेयर जारी किया। राइट्स इश्यू में प्रति शेयर की कीमत 1257 रुपये तय की गई थी। मगर शेयरधारकों को 25 फीसदी यानी 314.25 रुपये चुकाने थे। बाकी पैसा बाद में दो किस्तों में चुकाना होगा। इस बात का ऐलान खुद रिलायंस ने किया था। रिलायंस का जो राइट शेयर निवेशकों को 314.25 रुपये में जारी हुआ है, वह आज करीब 690 रुपये में लिस्ट हुआ है। यानी निवेशकों को अच्छा खासा मुनाफा हुआ। राइट्स इश्यू के मामले में कोई कंपनी नए शेयरों को सिर्फ अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही बेचती है। आमतौर पर राइट्स इश्यू में किसी शेयरधारक को शेयरों की निश्चित संख्या के अनुपात में ही नए शेयर बेचे जाते हैं।


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