Reliance Success Story: धीरूभाई अंबानी ने अपने चचेरे भाई चंपकलाल दमानी के साथ मिलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव रखी थी। साल 1960 में भारत लौटने के बाद, उन्होंने 'रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन' की स्थापना की और पहला कार्यालय मुंबई के मस्जिद बंदर इलाके में 350 वर्ग फुट का एक छोटा सा स्थान था। इसमें सिर्फ़ एक टेबल, तीन कुर्सियां और एक ही टेलीफोन था। शुरुआत में, वहां सिर्फ़ दो सहायक ही काम करते थे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत मसालों और पॉलिएस्टर यार्न के बिजनेस से हुई थी। साल 1950 के दशक में धीरूभाई और चंपकलाल ने यमन में 'माज़िन' नाम की एक कंपनी शुरू की थी। इस बिजनेस में मसालों का निर्यात और पॉलिएस्टर यार्न का आयात शामिल था।

सामने आई कई चुनौतियां
धीरूभाई और चंपकलाल के बीच साझेदारी 1965 में अलग-अलग कारोबारी विचारधाराओं के कारण समाप्त हो गई। दमानी ने जहां सावधानी बरतनी पसंद की, वहीं धीरूभाई विस्तार के लिए जोखिम उठाने को तैयार थे। अपने विभाजन के बाद, धीरूभाई ने सिंथेटिक फाइबर की मांग पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उन्हें काफी फायदा हुआ।
शुरुआत में सीमित संसाधनों के बावजूद, रिलायंस ने एक मजबूत टीम बनाई। इसमें धीरूभाई के छोटे भाई रमणिकभाई नाथूभाई, भतीजे रसिकभाई मेसवानी और दो दोस्त शामिल थे। उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुंबई के पाइधोनी इलाके में कड़ी मेहनत के दम पर वे डटे रहे।
विमल ब्रांड और आईपीओ में सफलता
धीरूभाई ने अपने भाई के बेटे विमल के नाम पर विमल ब्रांड लॉन्च किया। साल 1977 में कंपनी के आईपीओ ने 58,000 से ज़्यादा निवेशकों को अपनी तरफ खींचा। 1990 के दशक तक रिलायंस ने 24 लाख निवेशक जुटा लिए थे।
1985 में धीरूभाई ने मुंबई में एक किराए के फुटबॉल मैदान में शेयरधारकों की एक बैठक आयोजित की और इसमें 12 से ज़्यादा लोग शामिल हुए, जो उम्मीद से ज़्यादा था और कई लोग बिना सीट के रह गए।
मुकेश अंबानी का साम्राज्य
आज, मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी अलग-अलग क्षेत्रों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल व्यापारिक साम्राज्य का प्रबंधन करते हैं। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में, रिलायंस ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ है। वह अब एशिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं।
धीरूभाई शुरू में अपने परिवार के साथ मुंबई में एक छोटे से दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहते थे। स्नैक्स और फल बेचने के उनके शुरुआती अनुभवों ने उन्हें बाज़ार की गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझने में मदद की।
आज एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी हैं। रिलायंस की मार्केटिंग स्ट्रेटेजी ही उन्हें देश का सबसे धनी व्यक्ति बनाती है। दूसरों से हटकर और जोखिम भरे मार्केटिंग तरीके अपनाकर मुकेश अंबानी ने रिलायंस को आगे बढ़ाया है।


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