नयी दिल्ली। बुधवार को मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) हुई। कंपनी की तरफ से एजीएम में कई बड़े ऐलान किए गए। हालांकि कुछ मामलों में कंपनी निवेशकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स पर रिलायंस के शेयर में 3.5 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान रिलायंस का शेयर 1,798 रुपये के निचले स्तर तक गिरा, जो इंट्रा-डे ट्रेड में 6.15 प्रतिशत की कमजोरी रही। आखिर में ये शेयर 71.05 रु या 3.71 फीसदी की कमजोरी के साथ 1845.60 रु के भाव पर बंद हुआ। इससे निवेशकों की पूंजी में 1.26 लाख करोड़ रु की गिरावट आई है। वहीं कंपनी की मार्केट वैल्यू भी गिर कर 11.7 लाख करोड़ रुपये पर आ गई। जबकि मंगलवार को इसकी मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रु के ऊपर पहुंच गई थी।

क्या है गिरावट की असल वजह
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सऊदी अरामको के साथ डील मूल कार्यक्रम के मुताबिक आगे नहीं बढ़ी। हर कोई इस डील में प्रोग्रेस पर सकारात्मक घोषणा की उम्मीद कर रहा था। बाकी सभी अन्य सभी घोषणाएं लगभग मालूम थीं, मगर गूगल से निवेश मिलने का ऐलान खास रहा। इसके अलावा किफायती 4जी स्मार्टफोन बनाने की योजना और अगले साल 5जी सेवाओं की संभावित तैनाती की घोषणा भी नई रही। हालांकि माना जा रहा है कि रिलायंस सऊदी अरामको के साथ डील करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी के चेयरपर्सन मुकेश अंबानी ने कहा कि यह ऑइल टू केमिकल्स (ओ2सी) कारोबार को एक अलग सब्सिडरी कंपनी में बदलने के प्रस्ताव के लिए एनसीएलटी से संपर्क किया जाएगा, ताकि यह और अधिक निवेश ला सके।
गूगल से निवेश का ऐलान
रिलायंस इंडिया के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 43वीं एजीएम (सालाना आम बैठक) में जानकारी दी है कि अमेरिकी तकनीक दिग्गज कंपनी गूगल जियो प्लेटफॉर्म्स में 33,737 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। गूगल इसके बदले जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 फीसदी हिस्सेदारी की मालिक बन जाएगी। बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई है। गूगल के साथ डील के बाद रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए 152,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटा लेगी।


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