मुकेश अंबानी ने अपने रिटेल कारोबार के लिए एक बड़ी डील की है। एक के बाद कई बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रिलायंस में निवेश किया है।
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी ने अपने रिटेल कारोबार के लिए एक बड़ी डील की है। एक के बाद कई बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रिलायंस में निवेश किया है। इसी कड़ी में रिलायंस ने बड़ी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी नेटमेड्स में बड़ा निवेश किया है। कंपनी के राजस्व में पिछले कुछ महीनों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी दुनिया के 5 सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।

620 करोड़ रुपए में हुई डील
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने जानकारी दी है कि उसकी सहायक रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने डिजिटल फार्मा मार्केट प्लेस नेटमेड्स के मेजॉरिटी शेयर का अधिग्रहण कर लिया है। विटालिक हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियां सामूहिक रूप से नेटमेड्स के रूप में जानी जाती हैं। जानकारी के अनुसार कंपनी ने यह हिस्सेदारी लगभग 620 करोड़ रुपये में खरीदी है। रिलायंस रिटेल ने विटालिक हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड की इक्विटी शेयर कैपिटल में 60 फीसदी होल्डिंग के साथ-साथ इसकी सहायक कंपनी त्रिसारा हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड, नेटमेड्स और Dadha Pharma की 100 फीसदी डायरेक्ट इक्विटी ऑनरशिप खरीद ली है।
ऑनलाइन व्यवसाय में और तेजी से होगी बढ़ोतरी : ईशा अंबानी
इस निवेश के बारे में आरआरवीएल की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि भारत में हर किसी के लिए डिजिटल पहुंच प्रदान करने के लिए हमने अपनी प्रतिबद्धता के साथ यह डील की है। उन्होंने कहा कि नेटमेड्स हमारी सस्ती स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों और सेवाओं को विस्तार देने में काफी हद तक सहायता करेगी। इसके अलावा उपभोक्ताओं की दैनिक आवश्यकताओं को जल्द से जल्द पूरी करने के लिए इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म का बखूबी प्रयोग किया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि नेटमेड्स ने बहुत ही कम समय में देश के अंदर अपने ऑनलाइन व्यवसाय का विस्तार कर लिया है और हम इससे काफी प्रभावित हैं। हमारे निवेश और साझेदारी से इसके व्यवसाय में और तेजी से बढ़ोतरी होगी।
क्या है नेटमेड्स का बिजनेस
विटालिक और इसकी सहायक कंपनियां फार्मा डिस्ट्रीब्यूशन, सेल्स और बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज के बिजनेस में हैं. यह 2015 से काम कर रही है। इसकी सहायक कंपनी एक ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफार्म नेटमेड्स चलाती है, जो ग्राहकों को फार्मासिस्टों से जोड़ती है। इसके अलावा कंपनी दवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी भी करती है। बता दें कि नेटमेड्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप दाधा ने कहा कि रिलायंस के डिजिटल, रिटेल और टेक प्लेटफॉर्म की संयुक्त ताकत के साथ, हम और भी अधिक उपभोक्ताओं के बीच अपने चैनल को मजबूत करने में सक्षम हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस करार के बाद हम अपनी सेवा को और बेहतर बनाएंगे।
अंबानी अब इन कंपनियों की खरीदेंगे हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जिवामे के लिए 160 मिलियन डॉलर का पेमेंट कर सकती है जबकि अर्बन लैडर के लिए लगभग 30 मिलियन पेमेंट कर सकती है। दूध बनाने वाली कंपनी मिल्क बॉस्केट में भी कंपनी हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रही है। बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म में मुकेश अंबानी ने हिस्सेदारी बेचकर हाल में 20 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है। वहीं दूसरी ओर अर्बन लैडर की खरीदारी को लेकर आरआईएल की बातचीत पिछले कई महीनों से चल रही है। अब यह बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच गई है। इस मामले से वाकिफ लोगों का कहना है कि यह डील 30 मिलियन डॉलर के आसपास की हो सकती है। इसी तरह से अमेजन और बिगबास्केट से डील फेल होने के बाद मिल्क बास्केट और रिलायंस काफी नजदीक आ गए हैं।


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