मुम्बई। देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अपनी 29 साल की हिस्ट्री में पहली बार निवेशकों के लिए कमाई का बड़ा मौका लेकर आ रही है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को लिखित में सूचना दी है कि उसकी 30 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में राइट इश्यू पर भी चर्चा करेगी। अगर कंपनी राइट इश्यू लाती है तो उसकी 29 साल की हिस्ट्री में पहली बार होगा। हालांकि इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज 1991 में कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के जरिए पूंजी जुटा चुकी है। उसने बाद में इन डिबेंचर्स को 55 रुपये की दर से इक्विटी शेयर में बदला था। आज इन 55 रुपये वाले शेयर की कीमत करीब 1500 रुपये है और अगर बोनस शेयर शामिल कर लिए जाएं तो लोगों के पास हर 1 शेयर के बदले में आज 8 शेयर होंगे। यानी 55 रुपये बढ़कर 12000 रुपये हो गया है। वहीं कंपनी इस बैठक में 31 मार्च को खत्म तिमाही और फाइनेंशियल ईयर के नतीजों की स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड ऑडिट कराने पर भी विचार करेगी।
कब-कब जारी कर चुकी है बोनस शेयर
रिलायंस हालांकि राइट इश्यू पहली बार लाने की सोच रही है, लेकिन इससे पहले वह बोनस शेयर जारी कर चुकी है। कंपनी ने पहली बार 1983 में बोनस शेयर जारी किया था। उस वक्त हर 5 शेयर के बदले 3 शेयर फ्री में दिए गए थे। इसके बाद 1997 में कंपनी ने हर एक शेयर के बदले एक शेयर बोनस के रूप में दिया था। इसके बाद फिर 2009 में बोनस शेयर जारी किए गए थे। सबसे अंत में कंपनी ने 2017 में बोनस जारी किए थे। उस वक्त भी कंपनी ने एक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी किया था। इस प्रकार अगर किसी के पास 1983 में रहे 5 शेयर होंगे तो आज उसके पास 64 शेयर हो गए होंगे। बोनस शेयर कंपनियां फ्री में जारी करती हैं।
स्टॉक एक्सचेंज को दी सूचना
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने 27 अप्रैल को स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि वह अगले हफ्ते होने वाली बोर्ड की बैठक में राइट्स इश्यू पर विचार करेगा। कंपनी बोर्ड मीटिंग में अपने मौजूदा शेयर होल्डर्स को राइट्स इश्यू जारी करने पर विचार करने वाली है। हालांकि कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि राइट्स इश्यू जारी करके वह कितना पैसा जुटाना चाहती है। हालांकि इस महीने की शुरुआत में रिलायंस ने कहा था कि बोर्ड ने नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) के जरिए 25,000 करोड़ रुपए जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इसके लिए रिलायंस को सेबी की मंजूरी की भी जरूरत होगी।
मुकेश अंबानी करेंगे बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी गुरुवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों की संख्या फिलहाल 23 लाख है। अंबानी और उनके परिवार में कंपनी की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है। राइट्स इश्यू जारी करते हुए प्रमोटर्स अपने कोटा के शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी कम करने से बच सकते हैं। अगर कोई शेयरहोल्डर्स अपने इंडिविजुअल कोटा के शेयर नहीं खरीदते हैं तो प्रमोटर्स सहित मौजूदा शेयरहोल्डर्स वो हिस्सेदारी खरीद सकते हैं।
क्या होता है राइट्स इश्यू
शेयर बाजार में लिस्टेड कोई भी कंपनी राइट्स इश्यू सिर्फ इसलिए ही लाती है, ताकि वह अतिरिक्त पैसे जुटा सके। राइट्स इश्यू के तहत कंपनियां सिर्फ अपने मौजूदा शेयर धारकों को ही अतिरिक्त शेयर खरीदने की इजाजत देती है, वह भी एक निश्चित अनुपात में। यह अनुपात भी कंपनी ही तय करती है। कितने दिनों के अंदर-अंदर इन्हें खरीदना है, ये फैसला भी कंपनी का ही होता है। सबसे अहम बात ये है कि इससे कंपनी के मालिकानना हक पर कोई असर नहीं पड़ता है।


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