नई दिल्ली। देश की तीनों बड़ी मोबाइल कंपनियों ने कॉल और डाटा रेट बढ़ाने की घोषणा कर दी है। जहां एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने कहा है कि वह 1 दिसंबर से कॉल और डेटा महंगा करेंगे, वहीं रिलायंस जियो ने कुछ हफ्ते में इस बारे में फैसला लेने के संकेत दिए हैं। हालांकि रिलायंस जियो आईयूसी को लेकर पहले ही अतिरिक्त पैसे वसूलने लगा है। दरअसल हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया है। इस फैसले के बाद वोडाफोन और एयरटेल सहित अन्य कई कंपनियों से सरकार के टैक्स वसूलन के फैसले का सही बताया गया है। अब इन कंपनियों को करीब 1 लाख करोड़ रुपये सरकार को देना है। लेकिन पहले वोडाफोन के ग्लोबल सीईओ ने चेतावनी के अंदाज में अपनी दिक्कतें सरकार को बताईं। हालांकि बाद में उन्होंने चेतावनी वाली बात से इनकार करते हुए सरकार को अपनी सफाई में पत्र लिखा। वहीं एयरटेल ने अपनी दिक्कतें बताना शुरू कर दिया हैं। हालांकि इन कंपनियों ने अभी यह नहीं बताया है कि वह कॉल और डेटा का रेट बढ़ाएंगी, लेकिन फिच का अनुमान है कि इस कदम से टेलीकॉम इंडस्ट्री की 1 वर्ष में आय 1.5-2 अरब डॉलर (10 से लेकर 14 हजार करोड़ रुपये) तक बढ़ सकती है। यानी कंपनियां इतना ज्यादा पैसा अपने ग्राहकों से सालाना वसूलेंगी।
2016 के बाद शुरू होगा कॉल महंगा होने का दौर
रिलायंस जियो ने 2016 में टेलीकॉम सेक्टर में इंट्री की थी। तभाी से मोबाइल सेक्टर में लगतार कॉल रेट घटने का दौर जारी है। लेकिन अब तीनों कंपनियों ने अपने टैरिफ को बढ़ाने का इरादा जताया है। मोबाइल कंपनियों को ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) से ही ज्यादा फायदा होता है। सितंबर की बात करें तो एयरटेल का एआरपीयू 128 रुपपे और वोडाफोन-आइडिया का एआरपीयू 107 रुपये रहा है। जानकारों का कहना है कि रिलायंस जियो द्वारा टैरिफ महंगे किए जाने के फैसले के दूसरी टेलिकॉम कंपनियों का बड़ी राहत मिलेगी। जियो के पास अभी 35 करोड़ सब्सक्राइबर हैं।
नुकसान की करेंगे भरपाई
टेलिकॉम कंपनियां की बैलेंसशीट इस वक्त भारी घाटे में हैं। हाल ही में एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने कुल मिलाकर 74 हजार करोड़ रुपये की घाटे की बैलेंसशीट पेश की है। वोडाफोन-आइडिया का चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में घाटा करीब 51 हजार करोड़ रुपये का रहा है। हालांकि यह वास्तविक घाटा नहीं है। कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को दिए जाने वाले टैक्स को लेकर प्रॉवजनिंग की है। इसके बाद ही टेलीकॉम सेक्टर सरकार से मदद की बात करते हुए रेट बढ़ाने की दिशा में बढ़ गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के अनुसार अन्य ऑपरेटर्स की तरह हम भी सरकार के साथ काम करेंगे और इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए टैरिफ में वाजिब इजाफे के साथ ही अन्य जरूरी कदम उठाएंगे। यह बढ़ोतरी इस तरह की जाएगी ताकि डेटा की खपत या इंटरनेट की पहुंच पर असर न पड़े।
रिकॉर्ड घाटा दिखाने के बाद शेयर चमके
वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने अपनी दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड घाटा दिखाया है। लेकिन जिस दिन इन कंपनियों ने अपनी बैलेंसशीट में रिकॉर्ड घाटा दिखया है, उसी दिन इन कंपनियों के शेयर के रेट तेजी से बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को वोडाफोन आइडिया के शेयर में 38.20 फीसदी यानी 1.70 अंक की बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह 6.15 के स्तर पर बंद हुआ। आज यानी बुधवार को भी इस शेयर में तेजी का दौर जारी है। वहीं मंगलवार को भारती एयरटेल के शेयर में 8.66 फीसदी यानी 35.45 अंक की बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह 444.65 के स्तर पर बंद हुआ। इस शेयर के रेट में आज यानी बुधवार को तेजी का दौर जारी है। वहीं मंगलवार को जियो के पैरेंट ग्रुप रिलांयस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.52 पर्सेंट का उछाल आया और शेयर 1,509.80 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर में आज भी तेजी देखी जा रही है।


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