RIL Share Price: आज महीने के पहले दिन यानी 1 सितंबर सोमवार को कारोबारी शेसन में बाजार की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई थी। वहीं, बाजार के दोनों बेंचमार्क पॉजिटिव ट्रेड के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 554 अंक उछलकर 80364 के स्तर पर जबकि निफ्टी 50 198 अंक बढ़कर 24625 स्तर पर बंद हुआ। आज ट्रेडिंग के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर फोकस में दिखे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें कंपनी ने कई अहम योजनाओं और घोषणाओं का खुलासा किया। हालांकि इन घोषणाओं के बावजूद, कंपनी के शेयर प्राइस में गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2% से अधिक गिरकर बंद हुए। सोमवार को भी शेयर कमजोर बने रहे और ट्रेडिंग में 0.24% की गिरावट के साथ 1353 रुपए पर पहुंचकर बंद हुआ। इस समय कंपनी का मार्केट कैप 1,829 लाख करोड़ रुपए है।
AGM में हुई प्रमुख घोषणाएं
AGM के दौरान कंपनी ने अपने विकास और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। मुकेश अंबानी ने विशेष रूप से रिलायंस जियो के IPO को लेकर अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से टलते आए जियो IPO को अब 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा। यह कदम निवेशकों के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और विस्तार योजनाओं को लेकर नई उम्मीदें जुड़ी हैं।
शेयर गिरने के बावजूद नुवामा ब्रोकरेज का बुलिश नजरिया
भले ही स्टॉक अभी गिरावट में है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस ने रिलायंस इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर अच्छा नजरिया रखा है। उनका मानना है कि AGM में जो घोषणाएं की गई हैं, वे कंपनी के लिए लंबा समय फायदेमंद साबित होगा। निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी ने कई अहम घोषणाएं की जो लंबे समय में विकास का बड़ा अवसर दिखाती हैं।
कंपनी का EBITDA 2027 तक दोगुना होने का अनुमान है (FY22 के आधार पर)।
O2C (ऑफशोर टू कस्टमर) विस्तार योजना के अनुसार जारी है।
नई एनर्जी बिजनेस तेजी से बढ़ रही है और इसमें लंबी अवधि की बड़ी संभावनाएं हैं।
डिजिटल और जियो IPO अगले दस महीनों में अपेक्षित है।
AI और FMCG को कंपनी ने नए विकास ड्राइव के रूप में चुना है।
रिटेल और डिजिटल सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहने की उम्मीद है।
पेटकेम (Petchem) क्षमता बढ़ाने से भी विकास को समर्थन मिलेगा।
'गोल्डन रिफाइनिंग' युग जारी है, जिसमें GRM $10+/bbl है।
नई एनर्जी परियोजनाओं से PAT में 50% से ज्यादा का योगदान हो सकता है।
O2C के नेट-जीरो 2035 लक्ष्य के साथ मेल खाने पर कंपनी के मूल्यांकन में वृद्धि (रिवैल्यूएशन) की उम्मीद है।
अल्पकालिक दबाव और लंबे समय में रिटर्न
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पिछले महीने और पिछले सप्ताह में लगभग 4% की गिरावट में रहे। शेयर ने कुछ शॉर्ट टर्म दबाव झेला, लेकिन निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय नहीं माना जा रहा है। पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयर ने करीब 13% का रिटर्न दिया है, जो लंबी अवधि में निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है।
निवेशकों की नजर भविष्य पर
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में सामने आई योजनाओं और घोषणाओं से कंपनी की विकास यात्रा को नई दिशा मिलेगी। जियो IPO का ऐलान और बाकी विकास योजनाएं निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर सकती हैं। अल्पकालिक गिरावट के बावजूद, लंबे निवेश के नजरिए से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सुधार की संभावना बनी हुई है।
AGM ने निवेशकों को भविष्य के लिए उत्साहित किया है। हालांकि शेयर अभी गिरावट में हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।


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