नई दिल्ली। एक तरफ भारत सहित दुनियाभर के कारोबारी कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने दुनिया के सामने मिशाल पेश की है। कंपनी ने साबित किया है कि अगर निवेशकों के हित कंपनियां लगातार काम करती हैं, तो खराब समय में निवेशक भी कंपनी के साथ खड़े होते हैं। यही कारण है कि लॉकडाउन की दिक्कतों को धता बताते हुए देश और विदेश के निवेशकों ने रिलायंस के राइट्स इश्यू में खुलकर भाग लिया। स्थिति तो यह हो गई है कि कंपनी के राइट्स इश्यू पर मानूसन के पहले ही पैसों की बारिश हो गई है। रिलायंस का 53,124 करोड़ रुपये जुटाने के लिए लाया गया यह देश का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू है। यह किसी गैर वित्तीय कंपनी की तरफ से लाया गया पिछले 10 साल का दुनिया का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू बन गया है। इस राइट्स इश्यू में बुधवार सब्सक्रिप्शन का आखिरी दिन यह 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
रिकॉर्ड तोड़ मिली सफलता, बरसा पैसा
रिलायंस इंडस्ट्रीज का राइट्स इश्यू 53,124.20 करोड़ रुपये का था। राइट्स इश्यू बंद होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया है कि इस राइट्स इश्यू को छोटे-बड़े संस्थागत भारतीय और विदेशी सभी तरह के निवेशकों से जोरदार निवेश मिला है। इस इश्यू में कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 42.26 करोड़ शेयर का ऑफर रखा है। 3 जून को ऑफर की समाप्ति तक राइट्स इश्यू के तहत कंपनी के शेयरों को मिली कुल बोली का मूल्य 84,000 करोड़ रुपये है।
12 जून को लिस्ट हो सकता है यह राइट्स इश्यू
राइट्स इश्यू के तहत होने वाले शेयरों के आवंटन को मंजूरी देने के लिए कंपनी की बोर्ड मीटिंग 10 जून 2020 को होनी है। इन राइट्स इश्यू शेयरों को बीएसई और एनएसई पर 12 जून 2020 लिस्ट कराए जाने की भी उम्मीद है।
क्यों होगी अलग से लिस्टिंग
12 जून को लिस्ट होने वाले इन राइट्स शेयरों को आंशिक रूप से चुकता राइट्स शेयर कहा जायेगा। क्योंकि इन शेयरों से संबंधित भुगतान किस्तो में किया जाना है। नवंबर 2021 में अंतिम किस्त के भुगतान के बाद ये शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्ण चुकता इक्विटी शेयरों में मर्ज कर दिए जाएंगे। फिर इनकी सामान्य शेयरों की तरह ट्रेडिंग होने लगेगी।


Click it and Unblock the Notifications