रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को कर्जमुक्त कंपनी बनाने में जुटे मुकेश अंबानी ने एशियन पेंट में 98.9 करोड़ डॉलर (7,417 करोड़ रुपये) की अपनी हिस्सेदारी को बेचने का फैसला किया है। एशियन पेंट्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 4.9 फीसदी हिस्सेदारी है। मालूम हो कि एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी एशियन पेंट्स लिमिटेड में ब्लॉक ट्रेड्स के जरिए अपनी 4.9% हिस्सेदारी की संभावित बिक्री के लिए बैंकों के बातचीत कर रहे हैं।
रिलायंस की एशियन पेंट में 4.9% हिस्सेदारी
रिलायंस की एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी तीस्ता रिटेल प्राइवेट के जरिए है। कंपनी कितनी हिस्सेदारी बेचेगी और उसका समय क्या होगा, इसके बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। गुरुवार शाम कंपनी ने बयान में कहा कि वह इस तरह की खबरों को 'दृढ़ता से खारिज' करती है। वहीं बीएसई पर गुरुवार को एशियन पेंट का शेयर 1% की गिरावट के साथ 1,594.3 रुपये पर बंद हुआ। रिलायंस की एशियन पेंट में 4.9% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 74.9 अरब रुपये है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से एशियन पेंट्स देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है। गुरुवार को बीएसई में एशियन पेंट्स का मार्केट कैप 1.52 लाख करोड़ रुपए के करीब रहा। 1942 में स्थापित एशियन पेंट्स 15 देशों में 26 प्लांट में पेंट का उत्पादन करती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के मध्य में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें फेसबुक, सउदी अरैमको और बीपी का निवेश शामिल है।
कंपनी को कर्ज मुक्त करने का लक्ष्य
दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सालाना मीटिंग में पिछले दिनों मुकेश अंबानी ने कंपनी को कर्ज मुक्त करने का लक्ष्य किया था। इसी रणनीति के तहत कंपनी की सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको से बातचीत चल रही थी। इस डील के जरिए कंपनी को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट के चलते खुद अरामको की हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो में फेसबुक को आमंत्रित कर इसकी भरपाई की है। यही नहीं इस डील के बाद कंपनी ने वॉट्सऐप के साथ मिलकर जियो मार्ट को स्थापित करने का फैसला लिया है।
रिलायंस जियो में अब तक 60,596.37 करोड़ का किया निवेश
पिछले तीन हफ्तों में रिलायंस जियो ने तीन बड़ी साझेदारी कर 60,596.37 करोड़ रुपये की निवेश डील की हैं। सबसे पहले फेसबुक ने जियो में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 43,534 करोड़ रुपये की निवेश डील की। इसके बाद सिल्वर लेक ने 1.55 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 5655 करोड़ का निवेश डील की। इसके बाद अब विस्टा इक्विटी ने 2.3 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 11367 करोड़ रुपये निवेश डील की है। यह तीनों डील 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हैं।


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