नयी दिल्ली। पिछले कुछ समय में मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का सितारा काफी बुलंद है। कंपनी ने अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी बेच कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाये, 50000 करोड़ रुपये से अधिक का सफल राइट्स इश्यू लेकर आई, अपना कर्ज शून्य तक घटा लिया, शेयर ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया और मार्केट कैपिटल में नया रिकॉर्ड बनाया। अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की नजर किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार पर है। रिलायंस फ्चूयर ग्रुप के रिटेल कारोबार को खरीदना चाहती है और इसके लिए कभी भी डील हो सकती है।

रिलायंस की स्थिति होगी मजबूत
फ्चूयर ग्रुप के रिटेल बिजनेस को खरीदने से किराने का सामान, फैशन और जनरल मर्चेंडाइस कारोबार में रिलायंस की स्थिति और मजबूत हो जाएगी। इस सौदे में बियानी द्वारा प्रमोटेड की गई कम से कम तीन कंपनियों को शामिल किया जाएगा, जिनमें फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस होंगी।
15 जुलाई से पहले डील संभव
दोनों कंपनियों के बीच डील के लिए बातचीत एडवांस स्टेज में है। रिलायंस की एजीएम (सालाना जनरल बैठक) 15 जुलाई को होने जा रही है और कंपनी इससे पहले ही डील को पूरा करना चाहती है। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों में से किसी तरफ से डील की डिटेल नहीं दी गई है और अभी फाइनल डील भी साइन होनी बाकी है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में डील के लिए चर्चा शुरू हुईं थी, क्योंकि बियानी की एक होल्डिंग यूनिट लोन चुकाने में चूक गई थी। रिटेल किंग के रूप में जाने जाने वाले बियानी तब से ऑप्शन तलाश रहे हैं जिसमें रिटेल यूनिट्स में हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल है।
और भी कंपनियों की है नजर
अमेरिकी रिटेल दिग्गज कंपनी अमेजन जैसी कई दिग्गज कंपनियों की भी फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार पर नजर थी। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र के मुताबिक रिलायंस के साथ सौदा बियानी को लोन समस्याओं के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान करेगा। फ्यूचर ग्रुप में अमेजन, ब्लैकस्टोन और प्रेमजीइन्वेस्ट जैसे निवेशकों ने पहले से ही निवेश किया हुआ है।


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