रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मुकेश अंबानी की ओर से उत्तराधिकार का प्लान तैयार किए जाने की खबरों को खारिज किया है।
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मुकेश अंबानी की ओर से उत्तराधिकार का प्लान तैयार किए जाने की खबरों को खारिज किया है। ग्रुप के प्रवक्ता ने फैमिली काउंसिल बनाकर तीनों बच्चों ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को बराबर की हिस्सेदारी देने की रिपोर्ट को खारिज किया है। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट पूरी तरह से कल्पना पर आधारित है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। इसके अलावा ग्रुप के एक सीनियर अधिकारी ने भी ऐसी खबरों को गलत करार दिया है।

जानकारी दें कि इससे पहले एक बिजनेस साइट ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि दुनिया के चौथे और भारत के इकलौते सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी एक फैमिली काउंसिल बना रहे हैं। देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह में अब भविष्य के उत्तराधिकारी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ताकि उनके कारोबार को अगली पीढ़ी तक आसानी से ट्रांसफर किया जा सके। इसके साथ ही ताकि भविष्य में उत्तराधिकार को लेकर किसी तरह का विवाद न हो सके। रिपोर्ट के मुताबिक मालिक मुकेश अंबानी फैमिली काउंसिल बनाकर आनेवाले समय में अपने बच्चों के लिए सब कुछ स्पष्ट रखना चाहते हैं। अंबानी इस काउंसिल में जिन लोगों को उत्तराधिकारी बनाएंगे उसमें उनके तीनों बच्चे होंगी। जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान मुकेश अंबानी के बच्चों के हाथ में होगी।
बता दें कि मुकेश अंबानी ने फिलहाल अपने तीनों ही बच्चों को अलग-अलग भूमिकाएं दे रखी हैं। बड़े बेटे आकाश और बेटी ईशा अंबानी रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल में 2014 से ही डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड में भी उन्हें शामिल किया गया है। छोटे बेटे अनंत अंबानी का इसी साल मार्च में मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स में अडिशनल डायरेक्टर के तौर पर जिम्मेदारी दी है। रिलायंस फाउंडेशन में भी ईशा अंबानी डायरेक्टर के तौर पर जुड़ी हैं। इसका नेतृत्व उनकी मां नीता अंबानी करती हैं।
मुकेश अंबानी की संपदा 80 अरब डॉलर के आसपास
जैसा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान आने वाले समय में मुकेश अंबानी के बच्चों के हाथ में होगी। मुकेश अंबानी की संपदा 80 अरब डॉलर के आसपास है। मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि अगले साल के अंत तक मुकेश अंबानी अपने बिजनेस अंपायर का उत्तराधिकारी तय कर लेंगे। तो आगे उत्तराधिकार के लिए किसी तरह के विवाद होने पर इस कौंसिल के द्वारा रास्ता निकाला जाएगा और सहज ट्रांसफर की कोशिश सफल हो सकती है। गौरतलब है कि साल 2002 में धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद रिलायंस की विरासत को लेकर मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी में कई साल तक विवाद चला था। कई साल की मशक्कत और मां कोकिला बेन की दखल के बाद कंपनी को दो हिस्सों में बांटा गया। मुकेश अंबानी को मिला रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस मिला, जबकि अनिल अंबानी के हिस्से में कम्युनिकेशन, पावर, फाइनेंशियल बिजनेस आया।
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