
Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस जियो को 3 अरब का लोन के लिए कम से कम 10 और बैंक राजी हो गये हैं। ये हाल के समय में भारत में होने वाली संभावित क्रेडिट डील होगी। बैंकरों ने कहा कि कम से कम पांच वर्षों में किसी भारतीय कॉरपोरेट हाउस की तरफ से ये सिंडिकेटेड टर्म लोन की सबसे बड़ी राशि होगी। बता दें कि इस डील पर कई महीनों से बातचीत चल रही है और अब इसका नतीजा निकलने वाला है।
चल रही है सिंडिकेशन प्रोसेस
रिलायंस की लोन की सिंडिकेशन प्रोसेस चल रही है। ये इसका तीसरा चरण है। सिंडीकेशन पूरा होने पर कम से कम तीन दर्जन बैंकों का रिलायंस पर कर्ज होगा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बैंक पहले ही योजना बना चुके हैं और इस कर्ज के लिए औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं, जो अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी। लोन देने के लिए खुद बैंकों की तरफ से मांग बहुत मजबूत रही है। वे तो कम शुल्क पर भी इस समूह में शामिल होना चाहते थे।
कौन-कौन से बैंक हैं शामिल
शुरुआत में सिटी बैंक, बैंक ऑफ अमेरिका, बीएनपी परिबा, एचएसबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित 15 बैंकों ने डुअल-करेंसी डॉलर और येन लोन के लिए प्रमुख अंडरराइटर बनने के लिए साइन किए थे। यानी ये पहले कर्ज देने के लिए राजी हुए। बाद में कुछ और बैंक इसमें शामिल हुए। ये हैं बार्कलेज, जेपी मॉर्गन, आईएनजी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ ताइवान और सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट बैंक। इन बैंकों ने जनवरी में सब-अंडरराइटिंग फेज में कुल 3 अरब डॉलर के लोन में से 1.3 अरब डॉलर पर रजामंदी जताई थी। बैंकरों ने कहा कि इसके बाद अब फाइनल सिंडिकेशन में करीब 1.5 अरब डॉलर के एक और सब्सक्रिप्शन की मांग की जा रही है।
और भी बैंक हो सकते हैं शामिल
रिपोर्ट के अनुसार और अधिक एशियाई बैंकों के पांच साल के एक्सटर्नल कमर्शियल लोन के लिए फाइनल सिंडिकेशन में शामिल होने की उम्मीद है। लोन की रकम से रिलायंस इंडस्ट्रीज कैपिटल एक्पेंडीचर और जियो के 5जी विस्तार का इंतजाम करेगी। आरआईएल के लिए सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनैंसिंग रेट (एसओएफआर) से 150 बेसिस प्वाइंट या 1.5 प्रतिशत प्वाइंट ऊपर और जियो के लिए 158 बेसिस प्वाइंट पर लोन तय हुआ है। एसओएफआर एक वैश्विक दर पैमाना है।
जापानी बैंकों का सपोर्ट
जापानी बैंक मिज़ुहो बैंक, एमयूएफजी और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्प उन बैंकों में से हैं जो लोन के येन हिस्से की फाइनेंसिंग कर रहे हैं, जो कि 300 मिलियन डॉलर और 400 मिलियन डॉलर के बीच होने का अनुमान है। अन्य एशियाई बैंक जो डील में शामिल होना चाहते हैं, उनमें मॉरीशस का एएफआरएशिया, ताइवान के फर्स्ट कमर्शियल और एसुन कमर्शियल और कोरिया का केईबी हाना शामिल हैं। ये सारे बैंक फाइनल सिंडिकेशन के लिए कतार में हैं। रिलायंस ने अभी तक लोन पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है और संभावना है कि ये काम 20 मार्च को हो सकता है।
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