
Reliance : देश के सबसे बड़े रईस व्यक्ति मुकेश अंबानी की झोली में एक और कंपनी आने वाली है। कर्ज तले दबी हुई कंपनी सिंटेक्स इंडस्ट्रीज के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और एसेट्स केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज (एसीआरई) की ज्वाइंट बिड को मंजूरी दे दी है। सिंटेक्स इंडस्ट्रीज को खरीदने के लिए ईजीगो टेक्सटाइल पीवीटी लिमिटेड ने भी बोली लगाई थी। लेकिन सिंटेक्स इंजस्ट्रीज के जो करदाता है। इन्होंने आरआईएल और एसीआरई की जो सयुक्त बोली है। इसके पक्ष में अपना मतदान किया था। इसके बाद पिछले वर्ष आनी मार्च 2022 में कंपनी के लिए नियुक्त समाधान पेशेवर आखिरी मंजूरी के लिए एनसीएलटी गए थे।
इसमें जीरो कीमत वाले इक्विटी शेयरों को गैर-सूचीबद्ध करना शामिल है
शुक्रवार 10 फरवरी 2023 को सिंटेक्स इंडस्ट्रीज ने शेयर मार्केट को बताया कि एनसीएलटी की अहमदाबाद पीठ ने एक मौखिक आदेश में आरआईएल और एसीआरई की तरफ से जो कर्ज समाधान योजना पेश किया गया है। इसको मंजूरी दे दी। सिंटेक्स इंडस्ट्रीज की तरफ से बताया गया है। कि रिलायंस-एसीआरई योजना जो स्वीकृत हुई इसमें शेयर पूंजी में कटौती शामिल है। इसमें जीरो कीमत वाले इक्विटी शेयरों को गैर-सूचीबद्ध करना शामिल है। कंपनी की तरफ से लिखित आदेश उपलब्ध कराए जाने पर कुछ नई सूचना दे सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरआईएल-एसीआरई ने संयुक्त रूप से करीब 3 हजार 650 करोड़ रु का प्रस्ताव रखा था।
कर्ज कितना है
इस कंपनी यानी सिंटेक्स इंडस्ट्रीज के खिलाफ जो दिवाला प्रोसेस है। यह पिछले वर्ष यानी अप्रैल 2022 में शुरू हुई थी। कंपनी पर करीब 7 हजार 500 करोड़ रु का कर्ज बकाया है। बोली लगाने वालों में रिलायंस और वेलस्पन ग्रुप की फर्म ईजीगो टेक्सटाइल्स, जीएचसीएल और हिमत्सिंग्का वेंचर्स भी शामिल थे।
कंपनी ग्लोबल फैशन ब्रांड्स को फैब्रिक सप्लाई करती है
सिंटेक्स इंडस्ट्रीज कंपनी की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कंपनी, हुगो बॉस, अरमानी, बरबेरी और डीजल जैसे ग्लोबल फैशन ब्रांड्स को फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी के खाते को कम से कम तीनों बैंक पीएनबी, पंजाब एंड सिंध बैंक और कर्नाटक बैंक ने फ्रॉड घोषित किया था। अमित पटेल प्रमोटेड सिंटेक्स प्लास्टिक को साल 2017 में सिंटेक्स इंडस्ट्रीज से अलग किया गया था। सिंटेक्स प्लास्टिक टेक्नोलॉजी लिमिटेड स्टोरेज टैंक बनाती है।


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