नई दिल्ली। एक तरफ भारत सहित कोरोना महामारी का दौर था और उसके चलते लॉकडाउन चल रहा था। ऐसे में शेयर बाजार काफी गिर गया था और लोग डरे हुए थे। लेकिन यहीं पर सही निवेशकों की पहचान होती है। इस दौरान रिलायंस का शेयर अपने एक साल के निचले स्तर पर आ गया था, लेकिन उसके करीब 3 महीने के अंदर ही रिलायंस का शेयर दोगुने से ज्यादा के रेट पर ट्रेड करने लगा। ऐसे में अगर किसी निवेशक तीन माह पहले रिलायंस के शेयर में निवेश किया होगा, तो वह आज दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। रिलायंस के शेयर में इस तेजी में रिलायंस जियो में हुआ 1 लाख करोड़ रुपये का बड़ा हाथ है। इसके चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज कर्ज मुक्त कंपनी बन गई। जैसे ही यह खबर आई रिलायंस के शेयर में भारी तेजी दर्ज की गई है।
108 फीसदी दिया रिलायंस ने रिटर्न
रिलायंस ने महज 3 महीने से भी कम समय में निवेशकों को 108 फीसदी तक रिटर्न दे दिया है। आज रिलायंस का शेयर करीब 1804 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इस रेट पर आरआईएल का मार्केट कैप बढ़कर 11.75 लाख करोड़ के करीब हो गई है। वहीं देश में लॉकडाउन के शुरू में 23 मार्च 2020 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 52 हफ्तों के नीचले स्तर यानी 867 रुपये पर पहुंच गया था। मार्च में शेयर बाजार में अच्छी खासी गिरावट आई थी। लेकिन गिरावट के बाद आरआईएल के शेयर ने बाउंसबैक किया और 23 मार्च के बाद से महज 3 महीने के अंदर शेयर में 108 फीसदी रैली आ गई और यह 1804 के स्तर तक पहुंच गया है।
11 लाख करोड़ रुपय मार्केट कैप वाली पहली कंपनी बनी
आरआईएल का मार्केट कैप आज के रेट के हिसाब से 11.8 लाख करोड़ के पार चला गया है। आरआईएल के फुली पेड शेयर सुबह 9:30 बजे के आस पास 1804 रुपये का भाव पर ट्रेड कर रहा था। इस लिहाज से आरआईएल का मार्केट कैप करीब 10.42 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, पार्टली पेड स्टॉक भी 10 फीसदी तेजी के साथ बीएसई पर 892 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था। इसका मार्केट कैप करीब 37,344 करोड़ रहा। इस लिहाज से कुल मार्केट कैप करीब 11.80 लाख करोड़ हो गया है।
रिलायंस जियो के चलते बदला खेल
आरआईएल का टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो एक तरह से इस पूरी तेजी में गेमचेंजर साबित हुई। दुनियाभर की कई बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनियों की नजर जियो पर रही। जियो में पिछले 58 दिनों में 11 बड़ी निवेश डील हुई हैं। इससे जियो की इंटरप्राइजेज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ हो गई है। जिन कंपनियों से डील हुई है, उनमें फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडाला, एडीआईए, टीपीजी, एल कैटरटॉन और पीआईपी शामिल हैं। आरआईएल को इन डील से 115693.95 करोड़ रुपये मिला है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के 53124 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू से भी जुटाया है।
रिलायंस हो गई है कर्ज मुक्त कंपनी
रिलायंस इंडस्ट्रीज यानी आरआइएल ने 58 दिनों में 168,818 करोड़ रुपये का फंड जुटा लिए हैं। इसमें जियो में बड़ी कंपनियों के साथ 11 डील के जरिए 115,693.95 करोड़ रुपये आया, जबकि हाल ही में आरआईएल का 53,124.20 करोड़ का राइट्स इश्यू सफलता पूर्वक पूरा किया है। इस तरह से कुल मिलाकर 58 दिनों में मुकेश अंबानी के आरआईएल को 1,68,818 करोड़ रुपये फंड जुटाने में सफलता मिली। इसके साथ ही अब आरआईएल अब कर्ज मुक्त कंपनी बन गई है। वैसे आरआईएल ने मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य रखा था, जो काफी पहले ही पूरा हो गया है।


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